प्रतिस्पर्धा का अर्थ, परिभाषा

अनुक्रम
प्रतिस्पर्धा में यद्यपि समान उद्देश्य होता है परन्तु सम्मिलित प्रयत्न नहीं होते हैं यदि होते भी है तो उसमें स्वार्थ की भावना अधिक होती है। जो व्यवहार उस समय होता है वह अर्थपूर्ण तथा नियोजित होता है। आन्तरिक घृणा तथा संघर्श की स्थिति होती है। ‘हम भावना’ के स्थान पर ‘परभावना’ महत्वपूर्ण कार्य करती है। कभी-कभी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले सभी के विशय में न तो जानकारी होती है और न ही प्राप्त की जा सकती है।

प्रतिस्पर्धा की परिभाषा

  1. बोगार्डस, 0 एस0 : प्रतिस्पर्धा किसी वस्तु को प्रापत करने की प्रतियोगिता को कहते हैं जो कि इतनी मात्रा मे कहीं नहीं पा जाती जिससे मांग की पूर्ति हो सके।
  2. फिचर, जे0 एच0 : प्रतिस्पर्धा एक सामाजिक प्रक्रिया है जिसमें दो या दो अधिक व्यक्ति अथवा समूह समान उद्देश्य प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं।
  3. ग्रीन, ए0 डब्ल्यू0: प्रतिस्पर्धा में दो या अधिक पार्टियाँ समान उद्देश्य के लिए प्रयत्य करती है जिसमें को भी एक दूसरे के साथ सम्मिलन के लिए तैयार नहीं होता है अथवा सम्मिलन की को आशा नहीं रखता है।
प्रतिस्पर्धा शब्द अंग्रेजी भाषा कें “competition” का हिन्दी रूपान्तर है। यदि हम इसका विश्लेषण करें तो इनकी विषेशताएं तथा इसका प्रत्यय परिभाषाओं दिखता है।

Comments