तलाक के कारण

अनुक्रम
सामाजिक एवं कानूनी रूप से पति-पत्नी के विवाह सम्बन्धों की समाप्ति ही तलाक कहलाता है। तलाक पति-पत्नी के वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन में असामंजस्य एवं असफलता का सूचक है। इसका अर्थ यह है कि जिन उद्देश्यों को लेकर विवाह किया गया वे पूर्ण नहीं हुए हैं। यह एक दु:खद घटना है, विश्वास की समाप्ति है, प्रतिज्ञा एवं मोह भंग की स्थिति है।

तलाक के कारण

तलाक के लिए पति के नपुंसक होने, स्त्री के बांझ होने, केवल लड़कियाँ ही होने, दुश्चरित्र होने एवं झगड़ालू होने की स्थिति में स्वीकृति दी है जो तलाक के कारण हैं।

दामले के अनुसार पारिवारिक सामंजस्य में कमी (जिसमें पति-पत्नी के झगड़े, पति द्वारा दुव्र्यवहार एवं ससुराल वालों से झगड़े सम्मिलित हैं), पत्नी का बांझपन, पति या पत्नी का अनैतिक व्यवहार, बीमार या स्वाभाव के कारण पति द्वारा परिवारिक दायित्वों का निर्वाह न करना, पति को सजा होना, आदि तलाक के प्रमुख कारण रहे हैं।
पफोनसेका ने पाया कि तलाक के लिए परित्याग और क्रूरता , पर-व्यक्तिगमन, नपुंसकता, आदि प्रमुख कारण हैं।

चौधरी ने अपने अध्ययन में तलाक के लिए अवैध सम्बन्ध, अपर्याप्त गृह जीवन, शारीरिक प्रहार, गरीबी, पत्नी का रोजगारमय जीवन, भूमिका संघर्ष, चिड़चिड़ा स्वभाव, असाध्य रोग, नपुंसकता, आयु में अधिक अन्तर एवं रौब जमाने वाला स्वभाव, आदि को उत्तरदायी माना है।

Comments