विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कार्य

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अनुक्रम

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) पार्लियामेन्ट एक्ट के तहत बनने वाली एक स्वायन संस्था है जो विश्वविद्यालय शिक्षा के स्तर को बनाने तथा बनाये रखने का कार्य करती है। राष्ट्रीय मूल्यांकन तथा प्रत्यायन समिति (NAAC) 1944 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा गठित की गई स्वायन संस्था है जो उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा का मूल्यांकन करती है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)

प्राचीन काल से भारत शिक्षा तथा शिक्षण का केन्द्र रहा है। नालन्दा, तक्षशिला तथा विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों में न सिपर्फ भारत के विभिन्न क्षेत्रों से बल्कि पूरे विश्व से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे। भारत में उच्च शिक्षा के विकास के लिए प्रथम प्रयास 1944 में आरंभ किया गया। केन्द्रीय परामर्श बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने 1944 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गठन के लिए सुझाव दिए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 1945 में स्थापित हुआ तथा सबसे पहले बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा अलीगढ़ विश्वविद्यालय का उनरदायित्व संभाला, तथा 1947 तक आते-आते देश के सभी विश्वविद्यालयों का कार्यभार संभाला।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार का एक स्वायन अंग है, जो कि भारत में उच्च शिक्षा के उचित प्रबंधन एवं नियोजन की देख-रेख करता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, 1952 में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूनाईटेड किंगडम के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तर्ज पर बनाया जाये जिसमें एक चेयरमैन तथा कमीशन के अन्य सदस्य हों जो कि वरिष्ठ शिक्षाविदों में से चुने जाए।

आयोग ने निर्णय लिया कि विश्वविद्यालयों से संबंध्ति तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के पफंड्स तथा सभी धमलों की देख-रेख और शैक्षिक प्रबंधन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग करेगा, और इसके द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होगा। 28 दिसम्बर 1953 में उस समय के शिक्षा मंत्री, मौलाना अबुल कलाम आजाद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का पुन:पदार्पण किया।

यू. जी. सी. नवंबर 1956 में संसद के एक्ट द्वारा भारत सरकार का एक स्वायन अंग बन गया। आयोग को भारत में विश्वविद्यालय शैक्षिक प्रबंधन तथा शिक्षा के स्तर को बनाये रखने का उनरदायित्व सौंपा। आयोग को प्रभावी ढंग से काम करने के लिए इसके कार्य को छ: क्षेत्रीय केन्द्रों में बाटा गया है जो कि पुणे, हैदराबाद, कोलकाता, भोपाल, गुवाहाटी तथा बैंगलुरू में हैं।

यू. जी. सी. का कार्यालय बहादुर शाह जपफर मार्ग, नई दिल्ली में स्थापित है। यू. जी. सी. द्वारा उठाये गए कदम- यू. जी. सी. के क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद पुणे, भोपाल, कोलकाता तथा बैंगलुरू में हैं। इसका उनरी क्षेत्रीय कार्यालय जो कि पहले गाजियाबाद में था, अब वह उत्तरी क्षेत्रीय महाविद्यालय ब्यूरो के रूप में यू. जी. सी. मुख्यालय से ही संचालित किया जा रहा है। यूजीसी ने शैक्षिक प्रबंधन के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ। यूजीसी द्वारा चलाये गये नए कार्यक्रम हैं-

  1. विदेशों में भारतीय उच्च शिक्षा की प्रोन्नति
  2. बौद्धिक सम्पत्ति अधिकार की सुरक्षा
  3. शिक्षण प्रशासकों को प्रशिक्षण तथा विकास
  4. कम्प्यूटरीछत शैक्षिक कार्यक्रम

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कार्य

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रमुख कार्य हैं-

  1. यह विभिन्न उच्च शैक्षिक संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  2. यह उच्च शिक्षण संस्थानों में सामंजस्य तथा शिक्षा के स्तर को बनाये रखने का कार्य करता है।
  3. यह विश्वविद्यालयी शिक्षा को प्रोन्नत तथा कार्यान्वित करता है।
  4. यह विश्वविद्यालयों में, शिक्षण, परीक्षा तथा अनुसंधान के स्तर को बनाये रखने का कार्य करता है।
  5. यह केन्द्र, राज्य सरकारों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच की कड़ी का काम करता है।
  6. यह विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए आवश्यक मानकों को लागू करने के लिए राज्य तथा केन्द्र सरकार को परामर्श देता है।

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