शैक्षिक प्रौद्योगिकी का अर्थ, परिभाषाएं एवं क्षेत्र

शिक्षा प्रसार के लिए शैक्षिक तकनीकी की आवश्यकता एवं अनुसंधान आज के परिवर्तित युग की आवश्यक तथा अनिवार्य मांग है। शिक्षा तकनीकी दो शब्दों से मिलकर बना है- शिक्षा+तकनीकी।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी का अर्थ (Meaning of Educational Technology)

शिक्षा:- जॉन लॉक के शब्दों में- ‘‘पौधों का विकास कृषि द्वारा एवं मनुष्य का विकास शिक्षा द्वारा होता है।’’ अर्थात यह कहा जा सकता है कि मानव के लिये जन्म से ही शिक्षा की आवश्यकता होती है।

तकनीकी:- तकनीकी से तात्पर्य है- दैनिक जीवन में वैज्ञानिक ज्ञान का प्रयोग करने की विधि है।

साधारण शब्दों में तकनीकी का अर्थ है- शिल्प कला की क्रिया, शिल्प ज्ञान प्रणाली, ढंग अथवा विधि। शैक्षिक तकनीकी शब्द शिक्षा जगत में अपेक्षतया एक नया प्रत्यय है। इसको वर्तमान विचार धारा लगभग पिछले 12 वर्षों में हमारे सामने आयी है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी का शब्द अंग्रेजी भाषा के एजूकेशनल टेक्नोलॉजी (Educational Technology) का हिन्दी रूपांतरण है। यह शब्द सर्वप्रथम वर्ष 1950 में नेशनल कौंसिल आल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (National Council of Educaitonal Technology:NCET) ने इस शब्द की विस्तार से व्याख्या की।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी की परिभाषा (Definition of educational technology)

NCET के अनुसार- ‘‘मानव अधिगम की प्रक्रिया का विकास विनियोग प्रणाली के मूल्यांकन, प्रविधियों एवं सहायक सामग्रियों के माध्यम से विकसित करना ही शैक्षिक तकनीकी है।’’

डॉ. एस.एस. कुलकर्णी के शब्दों में- ‘‘विज्ञान एवं तकनीकी के नियमों एवं नये-नये आविष्कारों को शिक्षा की प्रक्रिया में प्रयोग करने को शैक्षिक तकनीकी के रूप में जाना जाता है।’’

प्रो. एस.के. मित्र- ‘‘शैक्षिक तकनीकी को उन पद्धतियों और प्रविधियों का विज्ञान माना जा सकता है, जिनके द्वारा शैक्षिक उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके।’’

इस प्रकार उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर हम निष्कर्ष रूप में यह कह सकते है कि शैक्षिक तकनीकी प्रथम तो अपने सामने यह उद्देश्य रखती है कि वह इस बात को स्पष्ट करें कि बालकों का पढ़ाने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने का क्या उद्देश्य है? दूसरे शिक्षण तकनीक बालकों के समक्ष सीखने की परिस्थितियां उत्पन्न कर, उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करती है। तीसरे अधिगम के वातावरण में सुधार भी लाती है।

शैक्षिक तकनीकी का क्षेत्र (Field of educational technology)

शैक्षिक तकनीकी का क्षेत्र बहुत व्यापक है, इसके अन्तर्गत विषय में सम्मिलित की जाने वाली सामग्री का निर्धारण और इसके क्षेत्र की सीमाओं का निर्धारण करना सम्मिलित है। शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक तकनीकी का क्षेत्र निम्नलिखित है-
  1. शैक्षिक लक्ष्यों या उद्देश्यों का निर्धारण
  2. अध्यापन अधिगम प्रक्रिया का विश्लेषण
  3. व्यूह रचनाओं और युक्तियों का चयन
  4. दृश्य-श्रव्य सामग्री का चयन, उत्पादन और उपयोग
  5. पृष्ठ-पोषण में सहायक
  6. प्रणाली उपागम का उपयोग
  7. शैक्षिक तकनीकी और शिक्षक प्रशिक्षण
  8. सामान्य व्यवस्था, परीक्षण और अनुदेशन में प्रयोग

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के उद्देश्य (Objectives of Educational Technology)

1. शिक्षा के उद्देश्यों का निर्धारण तथा व्यावहारिक रूप में परिभाषीकरण करना तथा उन्हें लिखना।
  1. सीखने की विधियों तथा प्रविधियों का क्रमबद्ध रूप में अधुनिकीकरण करना।
  2. निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए समुचित व्यूह रचनाओं का चयन एवं प्रयोग करना।
  3. प्रयोग के पश्चात मूल्यांकन करना।
  4. पाठ्य-वस्तु का विश्लेषण कर तत्वों एवं अंगों को क्रमबद्ध रूप प्रदान करना।
  5. शिक्षण-अधिगम की संपूर्ण प्रक्रिया में सुधार लाना।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी का महत्व (Importance of educational technology)

जनसंख्या एवं ज्ञान के विस्फोट ने शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक तकनीकी के प्रवेश को अनिवार्य सा बना दिया है, विश्व के सभी देश आज शैक्षिक तकनीकी को अपनी को अपनी शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दे रहे है। भारत में भी इसके महत्व को स्वीकार किया जा चुका है।

कोबरी कमीशन ने कहा है- ‘‘पिछले कुछ वर्षों में भारतीय स्कूलों में कक्षा अध्ययन को पुन: अनुप्राणित करने की प्रविधि पर काफी ध्यान दिया गया है। बुनियादी शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य, प्राथमिक स्कूलों के समूचे जीवन तथा कार्य-कलापों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाना तथा बालक के शरीर, मन एवं आत्मा का उत्कृष्ट और सर्वांगीण विकास है।’’

शैक्षिक प्रौद्योगिकी की विशेषताएं (Features of Educational Technology)

  1. शैक्षिक प्रौद्योगिकी शिक्षा शास्त्र एवं शिक्षा मनोविज्ञान का ही एक अंग है।
  2. शैक्षिक प्रौद्योगिकी शिक्षा विज्ञान एवं शिक्षा कला की देन है।
  3. शैक्षिक प्रौद्योगिकी का संबंध आदा Input), प्रदा Out) और प्रक्रिया (Process) से होता है।
  4. इसमें शिक्षा, शिक्षण और प्रशिक्षण में वैज्ञानिक ज्ञान का अनुप्रयोग किया जाता है।
  5. इसमें शिक्षा पर विज्ञान और तकनीकी के प्रभाव का अध्ययन होता है।
  6. इसमें व्यावहारिक पक्ष को बल दिया जाता है।

शैक्षिक प्रौद्योगिकी के उपयोग (Use of educational technology)

कोई भी प्रौद्योगिकी जो शिक्षाथ्र्ाी अधिगम को बढ़ाएं और कम से कम समय ले एवं शिक्षक द्वारा शैक्षिक कार्य में कम से कम समय लगाकर अधिक उत्पादन दर्शाये वही सही रूप में शैक्षिक प्रौद्योगिकी है। इसमें अदा और प्रदा तथा प्रक्रिया शिक्षा के तीन पक्ष होते है। इसके अन्तर्गत उद्देश्यों के प्रतिपादन शिक्षण विधियों तथा मूल्यांकन विधियों के विकास पर अधिक बल दिया जाता है और इसलिए यह अत्यंत उपयोगी है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी निम्नलिखित क्षेत्र में उपयोगी है:-
  1. अधिगम के क्षेत्र में उपयोगी।
  2. शिक्षक के लिए उपयोगी।
  3. शिक्षा प्रशासन के लिए उपयोगी।
  4. समाज के लिए उपयोगी।

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