शैशवावस्था में शारीरिक विकास

By Bandey No comments

सामान्यता: मनोवैज्ञानिकों ने शैशवावस्था का अर्थ उस अवस्था से लगाया जो औसतन जन्म से 5-6 वर्ष तक चलती है। एडलर के अनुसार “शैशवावस्था द्वारा जीवन का पूरा क्रम नििश्न्चत होता है। शैशवावस्था में विशेषकर जन्म से […]

जन्म पूर्व शारीरिक विकास

By Bandey No comments

ज्यों ही अण्ड शुक्राणु से मिलकर निशेचित होता है, त्यों ही मानव जीवन का प्रारम्भ हो जाता है। निशेचित अण्ड सर्वप्रथम दो कोषों में विभाजित होता है, जिसमे से प्रत्येक कोष पुन: दो-दो में विभाजित हो […]

लागत-लाभ विश्लेषण विधि का महत्व

By Bandey No comments

सिंचा तथा परिवहन परियोजनाओं में निवेश के मूल्यांकन के लिये लागत-लाभ विश्लेषण तकनीक का विकास अमरीका में किया गया। अल्पविकसित देशों में परियोजनायें अक्सर तदर्थ (Adhoc) आधार पर चुनी जानी है तथा लागतों और लाभों के […]

सामाजिक लागत-लाभ विश्लेषण का अर्थ

By Bandey No comments

सामाजिक दृष्टिकोण से परियोजनाओं (Projects) के मूल्यांकन के लिये लागत-लाभ विश्लेषण सबसे उपयुक्त तथा सर्वमान्य तरीका है। यह विश्लेषण परियोजना मूल्यांकन के लिये सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं उपयोगी कसौटी भी है। यह योजना प्राधिकरण के लिये इस […]

अनुशासन का अर्थ, परिभाषा एवं सिद्धांत

By Bandey 13 comments

अनुशासन शब्द अंग्रेजी के ‘डिसीप्लीन’ शब्द का पर्याय है कि जो कि ‘डिसाइपल’ शब्द से बना है। जिसका अर्थ है- ‘शिष्य’’ शिष्य से आाज्ञानुसरण की अपेक्षा की जाती है। हिन्दी ने संस्कृत की ‘शास्’ धातु से […]

मानव शक्ति नियोजन का अर्थ एवं महत्व

By Bandey No comments

इस वाक्य से स्पष्ट है कि मानव संसाधन नियोजन एक फर्म या संगठन की भावी भागों के लिए पूर्वानुमान की एक प्रक्रिया है और इस प्रक्रिया द्वारा योग्य व कुशल व्यक्तियों की सही संख्या में आपूर्ति […]

प्रयोजनवाद क्या है?

By Bandey No comments

प्रयोजनवाद के लिये अंग्रेजी का शब्द ‘‘प्रैग्मेटिज्म’’ है। इस शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द प्रैग्मा से हुयी जिसका अर्थ है किया गया कार्य, व्यवसाय, प्रभावपूर्ण कार्य। कुछ विद्वानों ने इस शब्द की उत्पत्ति दूसरे यूनानी शब्द […]

अनुसूची क्या है?

By Bandey 1 comment

अनुसूची प्राथमिक तथ्य संकलन की एक ऐसी विधि है जिसमें अवलोकन, साक्षात्कार तथा प्रश्नावली इन तीनों की ही विशेषताएं एवं गुण एक साथ पाये जाते हैं। इसके द्वारा उन क्षेत्र के सूचनादाताओं से भी सूचना प्राप्त की […]

समाज का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

By Bandey 4 comments

समाज शब्द संस्कृत के दो शब्दों सम् एवं अज से बना है। सम् का अर्थ है इक्ट्ठा व एक साथ अज का अर्थ है साथ रहना। इसका अभिप्राय है कि समाज शब्द का अर्थ हुआ एक […]

परिकल्पना या ‘उपकल्पना’ क्या है?

By Bandey No comments

किसी भी अनुसंधान और सर्वेक्षण के समस्या के चुनाव के बाद अनुसंधानकर्ता समस्या के बारे में कार्य-कारण सम्बन्धों का पूर्वानुमान लगा लेता है या पूर्व चिन्तन कर लेता है यह पूर्व चिन्तन या पूर्वानुमान ही प्राक्कल्पना, […]