त्राटक क्रिया के प्रकार, क्रियाविधि और उसके लाभ

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त्राटक क्रिया शुद्धिकरण की पॉंचवी प्रक्रिया है। त्राटक का अर्थ है किसी एक वस्तु या प्रतीक को लगातार देखते रहना। त्राटक का एक अर्थ है लक्ष्य को एकटक […]

नौलि क्रिया के प्रकार, क्रिया की विधि और उसके लाभ

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नौलि (लौलिकी) षटकर्मो में शुद्धिकरण की चौथी प्रक्रिया है। नौलि क्रिया अग्निसार का ही एक प्रकार है या यूँ कहे कि नौलि क्रिया अग्निसार अन्त: धौति की उच्च […]

नेति क्रिया के प्रकार, क्रिया की विधि और उसके लाभ

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नेति षटकर्मों की तृतीय शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। नेति क्रिया को आधुनिक समय में कान, नाक व गले से सम्बद्ध किया है। नेति क्रिया के माध्यम से मुख्य […]

वस्ति क्या है?

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वस्ति नाम बड़ी आंत के लिए प्रयुक्त होता है । इस अभ्यास में गुदा द्वारा वायु अथवा जल को खीचा जाता है जिससे बड़ी आंत की सफाई होती […]

धौति के प्रकार

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धौति अर्थात धोना वाहय रूप से शरीर की शुद्धि के लिए हम तरह−तरह के उपाय करते हैं जैसे स्नान इत्यादि। पर अन्त:करण की सफाई के लिए शरीर को […]