अवलोकन का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

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अवलोकन शब्द अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘Observation’ का पर्यायवाची है। जिसका अर्थ ‘देखना, प्रेक्षण, निरीक्षण, अर्थात् कार्य-कारण एवं पारस्पारिक सम्बन्धों को जानने के लिये स्वाभाविक रूप से घटित होने वाली घटनाओं का सूक्ष्म निरीक्षण है। प्रो0 गडे एवं हॅाट के अनुसार विज्ञान निरीक्षण से प्रारम्भ होता है और फिर सत्यापन के लिए अन्तिम रूप से […]

श्री बगलामुखी स्तोत्रं

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विनियोग –  ॐ अस्य श्री बगलामुखी-स्तोत्रस्य भगवान नारद ऋषिः, बगलामुखी देवता, मम सन्निहितानामा दुष्टानां विरोधिनाम वंग मुख- पद-जिव्हा बुद्धिना स्तंभनार्थे श्री बगलामुखी प्रसाद सिध्यर्थे पत्थे विनियोगः कर – न्यास – ॐ ह्लीं अंगुष्ठाभ्यं नमः. ॐ बगलामुखी तर्जनीभ्यां नमः. ॐ सर्व दुष्टानां मध्यमाभ्यां वषट्. ॐ वाचां मुखं पदं स्तम्भय अनामिकाभ्यां हूं ॐ जिव्हां कीलय कनिष्ठिकाभ्यां वौषट. […]

सामाजिक विकास की अवधारणा एवं विशेषताएँ

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सामाजिक संरचना के उन विभिन्न पहलुओं और सामाजिक कारकों का अध्ययन है जो समाज के त्रीव विकास में बाधा उत्पन्न करते है। इसका उद्देश्य किसी समुदाय के समक्ष उस आर्दश प्रारूप को भी प्रस्तुत करना है जो उस समुदाय के लोगों को विकास की ओर अग्रसर कर सके। जब से विभिन्न देशों में, विशेषत: तृतीय […]

किशोरावस्था में शारीरिक विकास

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किशोरावस्था विकास की अत्यंत महत्वपूर्ण सीढ़ी है। किशोरावस्था का महत्व कई दृष्टियों से दिखाई देता है प्रथम यह युवावस्था की ड्योढी है जिसके ऊपर जीवन का समस्त भविष्य पाया जाता है। द्वितीय यह विकास की चरमावस्था है। तृतीय यह संवेगात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। किशोरावस्था के लिए अंग्रेजी का शब्द Adolescence है […]

बाल्यावस्था में शारीरिक विकास

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छ: वर्ष की आयु से लेकर बारह वर्ष की आयु तक की अवधि बाल्यावस्था कहलाती है। बाल्यावस्था के प्रथम तीन वर्षो के दौरान अर्थात 6 से 9 वर्ष की आयु तक शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है। बाद में शारीरिक विकास की गति कुछ धीमी हो जाती है। बाल्यावस्था में होने वाले शारीरिक विकास […]