सामाजिक शोध का अर्थ, उद्देश्य एवं चरण

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सामाजिक शोध के अर्थ को समझने के पूर्व हमें शोध के अर्थ को समझना आवश्यक है। मनुष्य स्वभावत: एक जिज्ञाशील प्राणी है। अपनी जिज्ञाशील प्रकृति के कारण वह समाज वह प्रकृति में […]

सामाजिक अनुसंधान के प्रकार

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अन्वेषणात्मक सामाजिक अनुसंधान  जब किसी समस्या के सैद्धान्तिक तथा व्यावहारिक पक्ष की पर्याप्त जानकारी नहीं होती तथा अनुसन्धानकर्ता का उददेश्य किसी विशेष सामाजिक घटना के लिए उत्तरदायी कारणों को खोज निकालना होता […]

संप्रत्यात्मक विकास क्या है?

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सभी प्रकार के सीखने का आधार प्रत्यय है। शैशवावस्था से वृद्धावस्था तक मनुष्य अनेक नए प्रत्ययों का निर्माण करता है तथा प्रतिदिन के जीवन में पुराने निर्मित प्रत्ययों का प्रयोग करता है। […]

अस्तित्ववाद क्या है?

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अस्तित्ववाद बीसवी शताब्दी का नया दर्शन है। जहाँ विज्ञान और भौतिकवादी प्रवाह ने मनुष्य के अस्तित्व को ही मूल्यविहीन किया वही लोकतंत्रात्मक व समाजवादी राजनैतिक विचारधाराओं ने व्यक्ति के अस्तित्व से उपर […]

राष्ट्रीयता में बाधक तत्व

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किसी भी राष्ट्र के नागरिकों में राष्ट्रीयता की भावना उस राष्ट्र के लिये प्राण वायु के समान है। क्योंकि राष्ट्र किसी भूमि से नहीं किसी निश्चित भूभाग में रहने वाले एक समान […]