बैंक के कार्य

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किसी बैंक संस्था के दो मुख्य कार्य हैं :- जमा के रुप में धनराशि स्वीकार करना तथा ऋण अथवा उधार देना। इनका विस्तृत विवरण इस प्रकार हैं :- जमाएँ स्वीकार करना बैंक में कोई भी व्यक्ति निर्धारित नियम एवं व्यवस्था के अंतर्गत खाता खुलवाकर अपनी धनराशि जमा करवा सकता है। व्यापारिक बैंकों द्वारा जमा राशि […]

उत्तर आधुनिकता का अर्थ एवं परिभाषा

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उत्तर आधुनिकता अंग्रेजी के ‘Post Modernism’ शब्द का हिन्दी पर्याय है। जिसका प्रयोग द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद आधुनिकता के अंत की घोषणा के पश्चात् किया गया। पोस्ट शब्द का अर्थ होता है ‘बाद में’। उत्तर आधुनिकता अपने अर्थ में आधुनिकता की समाप्ति या आधुनिकता के विस्तार की घोषणा के रूप में परिलक्षित होती है। इस […]

आधुनिकता का अर्थ एवं परिभाषा

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आधुनिकता एक वैश्विक अवधारणा एवं वैचारिक आयाम है। आधुनिकता का आरम्भ चौदहवीं शताब्दी में यूरोप से हुआ तथा अट्ठारहवीं शताब्दी तक यह भारत में भी पहुँच चुकी थी। ‘आधुनिकता’ शब्द नवीनता का बोध कराता है जो परम्पराओं से भिन्न एवं प्रगतिशील है वही आधुनिक है। एस.एल. दोषी के अनुसार ‘‘सफेद कागज पर स्याही का धब्बा […]

टेलीकॉन्फ्रेंसिंग का अर्थ, परिभाषा प्रकार एवं उपयोग

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टेलीकॉन्फ्रेंसिंग अपने शाब्दिक अर्थों में उस प्रणाली के लिए प्रयोग होता है जिसके प्रतिभागी एक दूसरे से काफी दूर होते हुए भी आपस में संवाद कायम रखने में सफल रहते हैं। इसके लिए एक अधिक टेलीफोन लाइनों की आवश्यकता पड़ती है। टेलीकॉन्फ्रेंसिंग एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जिसमें दो या दो से अधिक दूर बैठे व्यक्ति […]

दूरवर्ती शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, आवश्यकता एवं महत्व

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दूरवर्ती शिक्षा अनेक अर्थों में प्रयोग की जाती है। अर्थों के अनुसार उनके कई नाम भी प्रचलित हैं। जैसे- पत्राचार शिक्षा (Correspondence Education) गृह अध्ययन (Home Study) बाह्य अध्ययन (External Study) दूरस्थ शिक्षा (Distant Education) परिसर से बाहर अध्ययन (Off Campus Study) मुक्त अधिगम (Open Learning) स्वतन्त्र अध्ययन (Independent Study) बहु-माध्यम शिक्षा (Multi-media Education) दूरवर्ती […]