लिपि

देवनागरी लिपि तथा हिन्दी वर्तनी का मानकीकरण

प्राचीन नागरी लिपि का प्रचार उत्तर भारत में नवीं सदी के अंतिम चरण से मिलता है, यह मूलत: उत्तरी लिपि है, पर दक्षिण भारत में भी कुछ स्थानों पर आठवीं सदी से यह मिलती है। दक्षिण में इसका नाम नागरी न होकर नंद नागरी है। आधुनिक काल की नागरी या देवनागरी, गुजर…

भारत की प्राचीन लिपियां

भारत की प्राचीन लिपियां - सिंधु घाटी की लिपि को थोड़ी-देर के लिये छोड़ दिया जाय तो भारत के पुराने शिलालेखों और सिक्कों पर दी लिपियां - 1. ब्राह्मी, 2. खरोष्ठी मिलती हैं। पर पुस्तकों में और अधिक लिपियों के नाम मिलते है। जैनों के पत्रावणासूत्रा में 18 ल…

लिपि की उत्पत्ति कैसे हुई

भाषा की उत्पत्ति की भांति ही लिपि की उत्पत्ति के विषय में भी पुराने लोगों का विचार था कि ईश्वर या किसी देवता द्वारा यह कार्य सम्पन्न हुआ। भारतीय पंडित ब्राह्मी लिपि को ब्रह्मा की बनाई मानते हैं और इसके लिए उनके पास सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि लिपि का ना…

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