अस्तित्ववाद क्या है?

By Bandey No comments

अस्तित्ववाद बीसवी शताब्दी का नया दर्शन है। जहाँ विज्ञान और भौतिकवादी प्रवाह ने मनुष्य के अस्तित्व को ही मूल्यविहीन किया वही लोकतंत्रात्मक व समाजवादी राजनैतिक विचारधाराओं ने व्यक्ति के अस्तित्व से उपर समाज के अस्तित्व पर मुख्य चिन्ह लगा दिया तो मानव अस्तित्व को महत्व देने हेतु नयी दार्शनिक प्रवृत्ति का प्रादुर्भाव हुआ। इस विचारधारा […]