क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास

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भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की एक पृथक धारा क्रांतिकारी आंदोलन है। भारत के नवयुवकों का एक वर्ग हिंसात्मक संघर्ष को राजनीतिक प्राप्ति के लिए आवश्यक मानते थे। वे स्वयं को मातृभूमि के लिए बलिदान करने को तैयार […]

युवा तुर्क आंदोलन का इतिहास

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युवा तुर्क आन्दोलन की पृष्ठभूमि-  बीसवीं शताब्दी में ‘यूरोप के मरीज’ तुर्की को एक नया जीवन प्रदान करने के लिए ओटोमन साम्राज्य में एक आन्दोलन चला, जिसके फलस्वरूप सुलतान अब्दुल हमीद की निरंकुशता का अन्त हो […]

सहकारी आंदोलन क्या है?

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सहकारिता के विचार ने भारत में ठोस रूप सबसे पहले उस समय ग्रहण किया जब गॉवों में विधमान ऋृण भार का सामना करने के लिए 1904 में सहकारी ऋण समितियां अधिनियम पारित हुआ। इस अधिनियम में […]

सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण, महत्व एवं प्रभाव

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1929 ई. में लाहौर के काँग्रेस अधिवेशन में काँग्रेस कार्यकारणी ने गाँधीजी को यह अधिकार दिया कि वह सविनय अवज्ञा आंदोलन आरंभ करें। तद्नुसार 1930 में साबरमती आश्रम में कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक हुई। इसमें एक […]

असहयोग आंदोलन के कारण, कार्यक्रम एवं प्रभाव

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भारतीयों को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात् अंग्रेजों द्वारा स्वराज्य प्रदाय करने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु स्वराज्य की जगह दमन करने वाले कानून दिये गये तो उनके असन्तोष का ज्वालामुखी फूटने लगा […]