उद्योगों का वर्गीकरण

By Bandey No comments

भारत में आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रारंभ मुंबई में प्रथम सूती कपड़े की मिल की स्थापना (1854) से हुआ। इस कारखाने की स्थापना में भारतीय पूँजी तथा भारतीय प्रबंधन ही मुख्य था। जूट उद्योग का प्रारंभ 1855 में कोलकाता के समीप हुगली घाटी में जूट मिल की स्थापना से हुआ जिसमें पूँजी एवं प्रबंध-नियन्त्रण दोनो […]

उद्योग के प्रकार

By Bandey No comments

व्यावसायिक क्रिया के उत्पादन पक्ष को उद्योग कहते हैं। यह ऐसी व्यावसायिक क्रिया है जो उत्पादों के बढ़ाने, उत्पादन, प्रक्रियण अथवा निर्माण से संबंधित है। ये उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएँ या उत्पादक माल हो सकते हैं। उपभोक्ता वस्तुएँ वे हैं जिनका उपयोग अंतत: उपभोक्ता द्वारा किया जाता है जैसे- अनाज, कपड़ा, सौन्दर्यसवर्धक आदि। उत्पादक माल वे […]

व्यावसायिक क्रियाओं का वर्गीकरण

By Bandey 1 comment

यदि आप अपने आस पास की व्यावसायिक क्रियाओं को देखेंगे तो पायेंगे कि अर्थव्यवस्था में निम्नांकित क्रियाएं होती है- पदार्थो का उत्खनन या निष्कर्षण;  वस्तुओं का विनिर्माण;  एक स्थान से वस्तुए खरीद कर विभिन्न स्थानों में बेचना;  भवन, सड़क एवं पुलों आदि का निर्माण;  वस्तुओं का भण्डारण, परिवहन, बैंिकग, बीमा, विज्ञापन, आदि सेवाएं प्रदान करना;  […]

औद्योगिक नीति का अर्थ, महत्व एवं औद्योगिक नीति का विकास

By Bandey 2 comments

आर्थिक नीति के अनेक पक्ष होते है जो देश में औद्योगिक निवेश और उत्पादन को प्रभावित करते है। सर्वप्रथम औद्योगिक लाइसेसिंग नीति हैं जो औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना और उनके विकास को विनियमित करती है। द्वितीय आर्थिक शक्तियों एवं एकाधिकार के संकेन्द्रण पर नियंत्रण की नीति। तृतीय प्रौद्योगिकी, 80 पूँजीगत पदार्थों, उपकरणों एवं कच्चे माल […]