वृत्ति नियोजन एवं विकास का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

By Bandey 1 comment

वृत्ति प्रबन्ध के दो महत्वपूर्ण तत्व वृत्ति नियोजन तथा वृत्ति विकास है। अपने सामान्य अर्थ में वृत्ति प्रबन्ध में कर्मचारियों द्वारा स्वयं वृत्ति के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रयत्न तथा संगठन द्वारा वृत्ति प्रबन्ध में उन मार्गो का नियोजन एवं विकास किया जाता है जिनके द्वारा कर्मचारी अपनी वृत्ति आकांक्षाओं को पूरा करेगा तथा इसमें कर्मचारियों […]