वैश्वीकरण की विशेषताएं, ऐतिहासिक विकास एवं विपक्ष में तर्क

By Bandey No comments

इसे भूमण्डलीकरण भी कहा जाता है। यह प्रक्रिया वस्तुत: व्यापारिक क्रिया-कलापों के अंतर्राष्ट्रीयकरण की द्योतक है जिसमें सम्पूर्ण विश्व बाजार को एक ही क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। यह राष्ट्रीय बाजारों को विश्व बाजार में बदलने की प्रक्रिया है। इससे विश्व बाजारों में पारस्परिक निर्भरता में बदलने की प्रक्रिया है। इससे विश्व बाजारों […]