संप्रत्यात्मक विकास क्या है?

By Bandey No comments

सभी प्रकार के सीखने का आधार प्रत्यय है। शैशवावस्था से वृद्धावस्था तक मनुष्य अनेक नए प्रत्ययों का निर्माण करता है तथा प्रतिदिन के जीवन में पुराने निर्मित प्रत्ययों का प्रयोग करता है। व्यक्ति स्वयं आयु, अनुभव […]