साम्राज्यवाद का अर्थ, सिद्धांत एवं लक्षण

By Bandey No comments

साम्राज्यवाद के अर्थ को समझना आसान नही है। अलग-अलग विद्वानों ने अनेकों तरह से इसके सार को समझानें की कोशिश कर इसे काफी कठिन कर दिया है। फिर भी इसके अर्थ को सरल भाषा में कहें तो वह, यह है कि, पूंजीवाद जब अपने विकास के चर्मोत्कर्ष पर पहुंच जाता है तो, वह साम्राज्यवाद में […]