अहिल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय

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माँ अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 1725 में महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिला में चौड़ी नामक गाँव में हुआ था। मल्हार राव होल्कर जब सेना के साथ युद्ध से लौटे तो उन्होने ग्राम चौड़ी में पड़ाव डाला। […]

इंदौर का इतिहास एवं भौगोलिक विकास

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मध्यप्रदेश का केन्द्र बिन्दु, हृदय एवं वाणिज्य राजधानी इंदौर शहर को माना जाता है अर्थात् जिस प्रकार भारत राष्ट्र की राजधानी तो दिल्ली है परन्तु मुम्बई को व्यवसायिक केन्द्र माना जाता है ठीक उसी प्रकार इंदौर […]

दलित शब्द का अर्थ और परिभाषा

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दलित शब्द की यूं तो हमें अनके परिभाषाएँ देखने को मिलती है और उन सब से एक ही मूल बात या तथ्य उभर कर सामने आता है कि ‘दलित’ शब्द की व्युत्पत्ति ‘दल्’ धातु से हुई […]

अभिवृत्ति का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ एवं मापन की विधियाँ

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अभिवृत्ति को आंग्ल भाषा में Attitude कहते हैं। Attitude शब्द लेटिन भाषा के शब्द Abtus शब्द से बना है इसका अर्थ है योग्यता या सुविधा। अभिवृत्ति का सम्बन्ध अनुकूल या प्रतिकूल प्रभाव से है। यह एक […]

अर्थ विज्ञान की अवधारणा और शब्द-अर्थ संबंध

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भाषा की लघुतम, स्वतंत्रत सार्थक इकाई शब्द है, इसलिए अर्थ-अध्ययन के समय शब्द पर विचार करना आवश्यक है। भतरृहरि ने शब्द के विषय में लिखा है कि संसार में ऐसा कोई ज्ञान नहीं है जो शब्द-ज्ञान […]

आधुनिक आर्य भाषा एवं उनका वर्गीकरण

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आधुनिक आर्य भाषा आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं की प्रमुख विशेषताएँ हैं- 1. आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं में प्रमुखत: वही ध्वनियाँ हैं जो प्राकृत, अपभ्रंश आदि में थीं। किन्तु कुछ विशेषताएँ भी हैं- (क) पंजाबी आदि में उदासीन स्वर […]

आधुनिकीकरण का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

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आधुनिकीकरण शब्द एक प्रक्रिया का बोध कराता है। आधुनिकीकरण से तात्पर्य सतत् एवं लगातार होने वाली क्रिया से है। साथ ही आधुनिकीकरण एक विस्तृत प्रक्रिया है। आधुनिकीकरण शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम पश्चिमी समाजों से प्रारम्भ हुआ। […]

आसन के प्रकार, विधि, लाभ और सावधानियाँ

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आसन के प्रकार, विधि, लाभ और सावधानियाँ सिहासन विधि:- सिहासन करने के लिए सबसे पहले अपने पैरो को सामने फैला लेते है। दाहिने पैर को मोड़कर दाहिनी एड़ी को ठीक गुदा ठारपर रखते है जिसमें गुदा […]

ई-अधिगम का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकार, उद्देश्य

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इलेक्ट्रोनिक अधिगम (Electronic Learning) को ई-अधिगम (E-Learning) भी कहते हैं। इसे कम्प्यूटर प्रोत्साहित अधिगम भी कहते हैं। ई-अधिगम को कई अर्थों में प्रयुक्त किया जाता है। इस प्रत्यय का सम्बन्ध् वृहद् अधिगम तकनीकी (Advanced Learning Technology) […]

ईसाई इतिहास लेखन की परम्परा, विशेषताएँ, गुण व दोष

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प्राचीनकालीन इतिहास लेखन (ग्रीको-रोमन, चीनी तथा भारतीय) की तुलना में मध्यकालीन इतिहास लेखन की प्रमुख विशेषता यह थी कि इसमें दैवीय विधान को महत्व दिया गया जिसमें कि व्यक्ति की भूमिका नाम मात्र की थी। मध्यकालीन, […]