1909 के अधिनियम के पारित होने के कारण | 1909 ka adhiniyam ke parit hone ke karan

1909 ई. में ब्रिटिश संसद ने भारतीय परिषद अधिनियम पारित किया। इसे मार्ले-मिण्टो सुधार अधिनियम भी कहा जाता है। लाॅर्ड मिण्टो भारत के तत्कालीन वायसराय थे और लाॅर्ड मार्ले भारत सचिव थे।   1909 अधिनियम पारित होने के कारण (Reasons for Passage of the Act) 1…

लाॅर्ड रिपन के प्रमुख सुधार | Major Reforms of Lord Ripon in hindi

लाॅर्ड लिटन के बाद लाॅर्ड रिपन भारत का वायसराय नियुक्त हुआ। 1880 से 1884 ई. तक वह भारत का सचिव रहा। लाॅर्ड रिपन सबसे अधिक लोकप्रिय वायसराय था। वह प्रथम वायसराय था जिसने भारतीयों तथा अंग्रेजों में कोई अंतर नहीं समझा तथा भारतीयों को अंग्रेजों के समान ही…

मानव भूगोल क्या है? परिभाषा, उद्देश्य, शाखाएं | What is human geography in hindi

मानव भूगोल, भूगोल की प्रमुख शाखा है जिसके अन्तर्गत मानव की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान समय तक उसके पर्यावरण के साथ संबंधों का अध्ययन किया जाता है। मानव भूगोल को भूगोल की आधारभूत शाखा माना जाता है जिसमें अध्ययन का केन्द्र बिन्दु मानव है। किसी प्रदेश की भौ…

निवारक निरोध अधिनियम क्या है | what is preventive detention act in hindi

यह भारतीय संविधान की सबसे अधिक विवादास्पद धाराओं में से है। यद्यपि संविधान में निवारक निरोध की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है किन्तु यह कहा जा सकता है कि निवारक निरोध किसी अपराध के किये जाने से पहल े तथा बिना किसी न्यायिक कार्यवाही के ही नजरबन्दी है। अन…

लक्ष्मीनारायण लाल का जीवन परिचय, प्रमुख नाटक

डाॅ. लक्ष्मीनारायण लाल स्वातंत्र्योत्तर भारत के प्रमुख नाटककारों में से एक हैं। उन्होंने हिंदी नाट्य-साहित्य की उस परंपरा को आगे बढ़ाया, जो आधुनिक काल में भारतेंदु युग में शुरू हुई थी तथा जिसका प्रसाद युग में प्रवर्तन हुआ। लक्ष्मीनारायण लाल का जीवन पर…

मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियां कौन-कौन सी है?

मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियां नर्मदा, ताप्ती, चम्बल, सोन, काली सिंध, सिंध, बेतवा, पार्वती, वैनगंगा, केन, क्षिप्रा, तवा। पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ- नर्मदा और ताप्ती।  उत्तर की ओर बहने वाली नदियाँ-चम्बल, बेतवा, सोन, केन, काली, सिन्धु, पर्वती। दक्षिण क…

मोहन राकेश का जीवन परिचय, कहानी संग्रह, भाषा शैली

मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी, सन् 1925 को हुआ था। वे कहानीकार, उपन्यासकार, नाटककार, निबंधकार और अनुवादक भी थे। देखा जाये तो नाटक के क्षेत्र में इनका अवदान सर्वाधिक रहा। मोहन राकेश का देहान्त 3 दिसम्बर, सन् 1972 को हुआ था। मोहन राकेश के नाटक हैं-आषाढ़ का…

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