कार्य विवरण का अर्थ, परिभाषा, लाभ, विशेषताएँ

अनुक्रम
कार्य विवरण कार्य को प्रस्तुत करने की एक विशिष्ट प्रणाली होती है। यह कार्य का विस्तृत रूप दर्शाने की एक प्रत्यक्ष विधि है जिससे कर्मचारी को क्या करना है? इसका ज्ञान हो जाता है। इसे सरल ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रमापित प्रारूप होता है। इसकी सहायता से सन्दर्भ शीघ्र मिल जाता है। इससे शंकाओं का निदान होता है तथा थोड़े स्थान में सभी सूचना प्रस्तुत कर दी जाती है।

कार्य विवरण की परिभाषा 

  1. पीगर्स एवं मायर्स (Pigors and Myers) - के अनुसार, ‘‘कार्य विवरण दिये हुये कार्य अथवा स्थिति के अन्तर्गत आने वाले विभिन्न कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और संगठनात्मक सम्बन्धों का लिखित सारांश है। यह कार्य विभाजन तथा उत्तरदायित्व के क्षेत्र को परिभाषित करता है।
  2. बैथेल , अटवाटर, स्मिथ एव स्टकेकमेन (Bethel, Atwater, Smith and Stack man) - के अनुसार, ‘‘कार्य विवरण वास्तव में कार्य विश्लेषण का सार तत्व है जो कार्य को भली भॉंति पहचानने में कार्य विश्लेषक की सहायता करता है।’’
  3. कमिगं (Cuming) - के अनुसार, ‘‘कार्य विवरण एक विशिष्ट कार्य के उद्देश्यों, क्षेत्र, कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों का व्यापक विवेचन है।’’
  4. फ्लप्पो के अनुसार ‘‘कार्य विवरण, कार्य विश्लेषण का प्रथम और तात्कालिक उत्पादन है। इसके शीर्षक से ही पता लगता है कि यह विवरण प्रकृति से ही वर्णनात्मक है तथा विद्यमान और संगत कार्य तथ्यों के अभिलेख का निर्माण करता है।’’

कार्य विवरण का लाभ

  1. कर्मचारियों के चुनाव एवं नियुुक्ति मे सहायता - कार्य विवरण साक्षात्कार के समय प्रबन्धकों को सहायता प्रदान करता है। विशेषत: उस स्थिति में अधिक सहायक होता है जब प्रार्थना पत्र ही चयन का माध्यम हो। कार्य विवरण, प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों की छंटनी में सहायक होता है।
  2. प्रशिक्षण मे सहायता - विस्ततृ कार्य विवरण उपलब्ध होने के पर प्रशिक्षणार्थी को उसके कार्य के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
  3. नये कर्मचारियों को कार्य परिचय देने मेंं सुुविधा - पर्यवेक्षक तथा प्रबन्धक को नये कर्मचारी के लिए कार्य परिचय कराते समय अधिक कष्ट नहीं उठाना पड़ता है।
  4. स्थानान्तरण, पदोन्नति एवं पदावनति सम्बन्धी निर्णर्ययों मे सहायता- इससे प्रबन्धकों को औचित्य का निर्धारण करने तथा श्रम संघों के सामने स्थिति स्पष्ट करने में किसी प्रकार की कठिनार्इ का अनुभव नहीं करना पड़ता है।
  5. श्रम असंतोष में कमी तथा कर्र्मचारी शिकायतो का निराकरण- विस्तृत कार्य विवरण उपलब्ध होने पर कर्मचारी को कार्य करने अथवा नहीं करने, कार्यक्षेत्र निर्धारित करने, आदि के बारे में अपने विवेक का प्रयोग नहीं करना पड़ता। इससे श्रमिक असन्तोष में कमी हो जाती है। औद्योगिक सम्बन्ध अच्छे रह सकते हैं तथा विवाद या तो उत्पन्न ही नहीं होते या उनका समाधान आसानी से हो जाता है।
  6. वेतन अथवा मजदूरी निर्र्धारण आसान - कार्य की जटिलता एवं विवधता के आधार पर कर्मचारी का वेतन अथवा मजदूरी निर्धारण आसान हो जाता है। कार्य विवरण स्पष्ट नहीं होने पर ऐसी कठिनाइयाँ उत्पन्न हो जाती हैं। 
  7. व्यावसायिक सलाह आदि में सुुविधा - कमर्चारी की याग्ेयताओ के अनुसार अधिक सरल तथा अनुकूल कार्य सौंपने के लिए कार्य विवरण काफी लाभदायक सिद्ध होता है।
यह एक महत्वपूर्ण विवरण तालिका है जिसमें कार्य विश्लेषण सम्बन्धी विस्तृत ब्यौरा मिलता है तथा एक कार्य विशिष्ट की तुलना दूसरे कार्य से करने में सहायता मिलती है। यह पत्रक बताता है कि क्या करना है? तथा क्यों करना है? विवरण में सामान्य जानकारी यह भी होती है कि कार्य कहॉं करना है?

अच्छे कार्य विवरण की विशेषताएँ

  1. कार्य विवरण विस्तृत होना चाहिए। 
  2. कार्य के उद्देश्यों के अनुकूल प्रत्येक कार्य एवं उपकार्य की सीमाओं का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। 
  3. कार्य विवरण लोचदार होना चाहिए अर्थात समय समय पर इसमें आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाना सम्भव हो।
  4. कार्य विवरण की जानकारी सभी कर्मचारियों को होनी चाहिए।
  5. कार्य शीर्षक स्पष्ट एवं स्वयं समझाने वाला होना चाहिए।
  6. कार्य निष्पादन में सामान्यत: अपेक्षित शुद्धता एवं सतर्कता की मात्रा प्रतिशत में स्पष्ट होनी चाहिए। 
  7. कार्य विवरण में कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
  8. विश्लेषक की दृष्टि से कार्य विवरण सभी प्रकार की जानकारी देने में समर्थ होना चाहिए अर्थात विवरण पत्रक में सूचना प्राप्त करने के उपरान्त कार्य विश्लेषक अपना पूरा प्रतिवेदन तैयार कर सकें। 
  9.  कार्य विवरण में विशिष्ट कार्य परिस्थितियों, उसके अनुकूल कर्मचारी गुणों तथा अपेक्षित विशिष्टताओं का विस्तृत स्पष्टीकरण होना चाहिए। 
  10. कार्य विवरण सरल और बोधगम्य होना चाहिए जिससे केवल नियोक्ता और कर्मचारी ही कार्य परिचय प्राप्त करने में समर्थ नहीं हो अपितु उनके सम्पर्क में आने वाले अन्य व्यक्ति भी सही कार्य परिचय प्राप्त कर सकें।

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