‘एजेंट’ एवं ‘एजेंसी’ शब्दों की परिभाषा

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वह व्यक्ति जो किसी दूसरे की ओर से कार्य करने के लिए या अन्य व्यक्तियों के साथ व्यवहार मे दसूरे का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया जाता है, ‘एजटें ‘ कहलाता है। वह व्यक्तियों जिसके लिए कार्य अथवा प्रतिनिधित्व किया जाता है, प्रधान (Principal) कहलाता है। एजेंट तथा प्रधान के बीच के सम्बन्ध को ‘एजेंसी’ कहते हैं। दूसरे शब्दों में हम कह सकते है कि एक एजेंट वह व्यक्ति है जिसे दूसरे व्यक्ति की ओर से कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाता है तथा जो दूसरे व्यक्ति या व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व अन्य पक्षों के साथ करता है। इस प्रकार जब मोहित, बनित को 1000 बोरी सीमेन्ट उसकी ओर से क्रय करने के लिए नियुक्त करता है तब मोहित प्रधान एवं बनित एजेंट होता है और इन दोनों के मध्य अनुबन्ध को एजेंसी कहेंगे। इस प्रकार की सभी क्रियाएं को एजेंसी सेवा के अंतर्गत सम्मिलित किया जाता है जो दूसरों की ओर से की जाती हैं। एजेंसी सेवा के अंतर्गत एजेंट प्रधान एव अन्य पक्षकार के मध्य एक कड़ी का कार्य करता है। एजेंट प्रधान की ओर से कायर् करने लिए पूर्ण रूपणे अधिकृत होता है। एजेंट द्वारा अपने प्रधान के लिए किया गया कार्य कानूनीतौर पर ऐसे ही माना जाता है जैसे कि उसे स्वय प्रधान ने किया हो। एजेंट के ऐसे प्रत्यके विधिवत् कार्य का दायित्व प्रधान पर ही होता है। उदाहरण के लिए, गोपाल ने गोबिन्द को अपने एजेंट के रूप में नियुक्त किया और एक निश्चित दुकानदार को उसे उसकी ओर से माल आपूर्ति करने के लिए कहा। गोबिन्द इस दुकानदार से लगातार गोपाल की ओर से माल आपूर्ति करने के लिए कहा। गोबिन्द इस दुकानदार से लगातार गोपाल की ओर से माल क्रय करता रहा। कुछ समय पश्चात गोबिन्द ने गोपाल को एजेंट की सेवाओं से हटा दिया लेकिन इसके बारे में दुकानदार को सूचना नहीं दी। बाद में यदि गोबिन्द दुकानदार से माल खरीदता रहता है तो दुकानदार गोपाल से माल की रकम वसूल कर सकता है। यह बात ध्यान में रखें कि प्रधान को तभी उत्तरदायी बनाया जा सकता है, जबकि एजेंट के कार्य विधिवत हां।े उदाहरण के लिए, यदि एजटें अपने प्रधान के आदेश पर किसी को पीट दे और परिणामस्वरूप उस पर जुर्माना हो तो वह प्रधान को जुर्माने की वसूली के लिए बाध्य नहीं कर सकता क्योंकि व्यक्ति को पीटना गैरकानूनी कार्य है।

आपको इस से भ्रमित नहीं होना चाहिए कि एक एजेंट प्रधान का नौकर है। वस्तुत: वह नौकर नहीं है। वह एक ऐसा व्यक्ति है जो अपने कायोर्ं से प्रधान एवं तीसरे पक्ष को बांधता है। एजेंट के द्वारा किए गए कार्यों के फलस्वरूप उत्पन्न जोखिमों के प्रति प्रधान उत्तरदायी होता है। एजेंट एक नौकर नहीं है क्योंकि वह अपने नाम से भी माल बेच सकता है। एजेंट अनेक व्यक्तियों के लिए एजेंसी कार्य कर सकता है, अर्थात् वह अनेक व्यक्तियों की ओर से कार्य कर सकता है। एजेंट अनेक प्रधानों का कार्य करने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है। एजेंट नियुक्त करने का उद्देश्य प्रधान एवं तीसरे पक्ष के मध्य अनुबंधात्मक सम्बन्ध स्थापित करना है।

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