राज्य और राष्ट्र

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जैसा कि आप जानते हैं कि राष्ट्र का अर्थ है ऐतिहासिक रूप से गठित लोगों का वह समुदाय जो एक समान भाषा, भू-भाग, अर्थव्यवस्था और मनोवैज्ञानिक विचार के करण एक ही संस्कृति में अभिव्यक्त है।

ब्लंटशली के अनुसार - ‘‘राष्ट्र लोगों का वह समूह है जो विशेषत: भाषा, रीति-रिवाजों और समान सभ्यता के कारण आपस में बंधे होते हैं जो उनमें एकता की भावना जगाती है।’’ राष्ट्र सांस्कृतिक रूप से समरस सामाजिक समूह है।

राष्ट्र शब्द का अर्थ है ऐसे लोग जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सजग है और इसे (राजनैतिक रूप से) बरकरार रखना चाहते हैं, अर्थात् राज्य व्यवस्था के अंदर। 

जैसा कि हम जानते हैं कि राज्य एक निश्चित क्षेत्र में लोगों का कानून के दायरे में एक व्यवस्थित समूह है। यह सदैव आंतरिंक मामलों में सर्वशक्तिमान और बाह्य मामलों में स्वतंत्र होता है। राष्ट्र लोगों का वह समूह है जो मनोवैज्ञानिक रूप से बंधे होते हैं तथा समान रूप से सुख है दुख बाँटते हैं। राज्य और राष्ट्र के बीच निम्न प्रकार के भेद स्पष्ट कर सकते हैं।
  1. राष्ट्र और राज्य दो पृथक इकार्इयां हैं। राष्ट्र सदैव एक राज्य नहीं भी हो सकता। अगस्त 1947 से पहले भारत एक राज्य नहीं था। राज्य सदैव एक राष्ट्र नहीं भी हो सकता। प्रथम विश्वयुद्ध से पहले ऑस्ट्रिया-हंगरी एक राज्य था परंतु राष्ट्र नहीं था क्योंकि यहां के विजातीय लोग सांस्कृतिक रूप से समरस समूह का निर्माण नहीं करते थे। ख. राज्य एक राज्य है क्योंकि यह संप्रभु है। राष्ट्र एक राज्य नहीं है क्योंकि यह संप्रभु नहीं है। संप्रभुता राज्य का प्रमुख गुण है; यह एक राष्ट्र का गुण नहीं है। कोर्इ राष्ट्र-राज्य बन जाता है जब उसे राज्य का दर्जा मिल जाता है। 
  2. राज्य एक राजनीतिक सकं ल्पना है जबकि राष्ट्र एक सांस्कृतिक और मनोवज्ञै ानिक अवधारणा है। इसका अर्थ है कि राष्ट्र एक राजनीतिक संकल्पना नहीं है। 
  3. राज्य में लोग नियमों द्वारा आपस मे बंधे होते हैं; भावुकता लोगों को एक राष्ट्र में बांधे रखती है। राज्य की एकता सदैव बाह्य होती है; राष्ट्र की एकता अनंत होती है। राज्य के संदर्भ में एकता को आरोपित किया जाता है; यह कानून द्वारा उत्पन्न होती है। राष्ट्र के संदर्भ में एकता भावनाओं के द्वारा उत्पन्न होती है। 
  4. राज्य के साथ एक और घटक है, बल का। राज्य के नियम का बंधन की तरह हैं। यदि राज्य के नियमों का पालन नहीं होता है तो वह दमनकारी शक्ति का प्रयोग करता है। राष्ट्र के संदर्भ में आपसी समझबूझ एक आवश्यक घटक है। 
  5. राज्य के घटक निश्चित होते हैं : जनसंख्या, निश्चित भू-भाग, सरकार और सप्रभुता। राष्ट्र के घटक निश्चित नहीं होते। कहीं पर राष्ट्र का निर्माण समान भाषा के कारण होता है। और कहीं पर समान कुल के कारण। समान धर्म होने के कारण ही पाकिस्तान एक राष्ट्र बना, समान भाषा एक मुख्य कारण था अमेरिका को राष्ट्र बनाने में और समान विरासत ने भारत को एक राष्ट्र बनाया। 
  6. राज्य एक राष्ट्र से बड़ा हो सकता है। पूर्व सोवियत संघ सौ से अधिक राष्ट्रीयताओं का समूह था। इसके विपरीत राष्ट्र एक राज्य से बड़ा हो सकता है; एक राष्ट्रीयता दो से अधिक राज्यों में फैली हो सकती है। कोरियन राष्ट्रीयता दो राज्यों-उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया में फैली हुर्इ है।

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