वायुमंडल में पाई जाने वाली प्रमुख गैस, वायुमंडल में गैसों की मात्रा

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वायुमंडल में पाई जाने वाली प्रमुख गैस

वायु अनेक प्रकार की गैसों जैसे - नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बनडाइऑक्साइड, जल वाष्प, अन्य गैसों तथा धूल, आदि का मिश्रण है। ऑक्सीजन को श्वास लेने के दौरान लिया जाता है और विभिन्न जीवन प्रक्रियाओं हेतु ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ग्लूकोज को खंडित करने हेतु उपयोग किया जाता है। परिणामस्वरूप, कार्बनडाइऑक्साइड श्वास द्वारा बाहर आती है; यह प्रकाश संश्लेषण (सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ग्लूकोज का निर्माण) के लिए पौधों द्वारा उपयोग की जाती है।

वायुमंडल में पाई जाने वाली प्रमुख गैस 

वायुमंडल में पाई जाने वाली प्रमुख गैसों का चक्रण नीचे दिया गया है-
  1. कार्बन चक्र
  2. ऑक्सीजन चक्र
  3. कार्बन-डाई-आक्साईड चक्र

1. कार्बन चक्र (Carbon cycle) -

  1. वायुमंडल में कार्बन तत्व कार्बन-डाई-आक्साईड गैस के रूप में विद्यमान है। समस्त जीवों के कार्बन का स्रोत वायुमंडल है। 
  2. हरे पेड़-पौधे वायुमंडल से कार्बन-डाई-आक्साईड प्राप्त करते हैं। जिसका उपयोग सूर्य प्रकाश के माध्यम से भोजन निर्माण हेतु करते हैं। जिसे प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। इस क्रिया द्वारा पेड़-पौधे ‘कार्बोहाइड्रेट’ भोजन के रूप में तैयार करते हैं। इनके द्वारा निर्मित कार्बोहाइड्रेट का उपयोग जीव जन्तु अपने भोजन के लिए करते हैं। 
  3. पृथ्वी पर कार्बन-डाई-आक्साईड गैस जल-भण्डारों में घुल जाती है और चूने के जमाव के रूप में इकट्ठी हो जाती है। चूने के पत्थर के अपघटन के बाद कार्बन-डाई-आक्साईड वायुमंडल में पुन: पहुँच जाती है। इस प्रक्रिया को कार्बनीकरण कहते हैं। इस प्रकार वायुमंडल और पृथ्वी के जलभण्डारों के बीच कार्बन-डाई-आक्साईड का आदान-प्रदान होता रहता है। 
  4. पेड़-पौधे तथा जीव-जन्तुओं के श्वसन के द्वारा, पौधों और जीव-जन्तुओं के अपघटकों द्वारा, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईधन के जलने से उत्पन्न कार्बन-डाई-आक्साईड गैस वायुमंडल में वापस चली जाती है। इस प्रकार वायुमंडल से कार्बन-डाई-आक्साईड का आना और धरातल से पुन: वायुमंडल में वापस जाने की प्रक्रिया निरन्तर चलती रहती है और इससे कार्बन एवं जैव मण्डल के बीच सन्तुलन बना रहता है।

2. ऑक्सीजन चक्र (Oxygen cycle)-

  1. ऑक्सीजन गैस वायुमंडल में लगभग 21% है और समस्त जीव-जन्तु वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन का उपयोग श्वसन के लिए करते हैं। 
  2. ईधन के रूप में लकड़ी, कोयला, पेट्रोलियम, गैस आदि के जलने के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है और इसके जलने के बाद कार्बन-डाई-आक्साइड गैस उत्पन्न होती है। 
  3. वायुमंडल में ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत पेड़-पौधे हैं। जितने अधिक पेड़- पौधे होंगे उतनी ही अधिक ऑक्सीजन मिलेगी। 
  4. हरे पेड़-पौधे में प्रकाश संश्लेषण के द्वारा उत्पन्न ऑक्सीजन वायुमंडल में वापस चली जाती है। इस प्रकार ऑक्सीजन चक्र की प्रक्रिया चलती रहती है।

3. नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen cycle)-

नाइट्रोजन प्रत्येक जीवन का एक आवश्यक तत्व है। वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन गैस पाई जाती है। नाइट्रोजन का प्रमुख स्रोत मृदा में उपस्थित नाइट्रेट होते हैं। वायुमंडल से नाइट्रोजन, वायुमंडलीय तथा औद्योगिक प्रक्रियाओं द्वारा जैव घटकों में प्रवेश करती है। पौधों में से ये नाइट्रोजन यौगिक (खाद्य श्रंखला) आहार द्वारा जन्तुओं में स्थानांतरित हो जाते हैं। वायुमंडल की नाइट्रोजन गैस को नाइट्रोजन के यौगिक में परावर्तित करने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं। पेड़-पौधों के सूखने और जीव-जन्तुओं के मरने पर जीवाणुओं द्वारा अपघटन होता है। इससे नाइट्रोजन गैस बनती है जो फिर से वायुमंडल में वापस चली जाती है। इस तरह नाइट्रोजन गैस की चक्रीय प्रक्रिया पूरी होती है।

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