अणु क्या है?

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अणु एक निश्चित व्यवस्था में एक या अलग तत्वों के दो या दो से अधिक परमाणुओं का समुच्चय है। जिसमें परमाणु रासायनिक बलों या रासायनिक संयोजन द्वारा एक दूसरे से बंधे हुये हैं। परमाणु किसी भी पदार्थ का सबसे सूक्ष्म कण है परन्तु वह स्वतंत्रा अवस्था में नहीं रह सकता। इसके विपरीत अणु पदार्थ या यौगिक का सूक्ष्मतम कण है जो किसी भी सामान्य परिस्थिति में स्वतंत्रा अवस्था में रह सकता है। एक अणु की उस पदार्थ के सभी गुण उपस्थिति रहते हैं। एक अणु को रासायनिक संरचना का वर्णन करने के लिये उस तत्व के प्रतीक व सूत्रा की सहायता ली जाती है। ऑक्सीजन अणु जिससे हम परिचित हैं, दो परमाणुओं से बना है इसलिये यह द्विपरमाणुक (O2 द्वारा लिखित) है। हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन और आयोडिन द्विपरमाणुक अणुओं के अन्य उदाहरण हैं और उनको हम क्रमश: H2, N2, F2, Cl2, Br2 और I2 के रूप में प्रदर्शित करते है।

द्विपरमाणुक अणु
द्विपरमाणुक अणुओं को दर्शाना

कुछ अन्य तत्व अधिक जटिल अणुओं के रूप में मौजूद हैं। सामान्य तापमान व दाब पर फास्फोरस में चार परमाणु (P4) तथा सल्फर परमाणु में आठ परमाणु (S8) होते हैं। चार परमाणु से बने अणु को चर्तुपरमाणुक कहते हैं। आमतौर पर तीन या तीन से अधिक परमाणु से मिलकर बने अणु बहुपरमाणुक की श्रेणी के अंतर्गत माने जाते है। केवल कुछ वर्ष पूर्व ही कार्बन के एक ऐसे अणु की खोज हुर्इ जिसका आण्विक सूत्र (C60) था और इसे बकमिन्सटर फुलेरीन नाम दिया।

फास्फोरस व सल्फर के अणु
फास्फोरस व सल्फर के अणु

यौगिकों के अणु एक से अधिक तरह के परमाणुओं के बने होते है। इसका एक परिचित उदाहरण है पानी का अणु जो दो प्रकार के परमाणु से बना है। पानी के एक अणु में दो परमाणु हाइड्रोजन के व एक परमाणु ऑक्सीजन का विद्यमान है यह H2O के रूप में लिखा जाता है। मीथेन (CH4) का एक अणु एक कार्बन व चार हाइड्रोजन से बना है। एथिल एल्कोहल (C2H5OH) के एक अणु में नौ परमाणु है (2 परमाणु कार्बन, 6 परमाणु हाइड्रोजन तथा एक परमाणु ऑक्सीजन)।

पानी, अमोनिया, इथाइल एल्कोहल के अणु
पानी, अमोनिया, इथाइल एल्कोहल के अणु

अणुओं का द्रव्यमान

अणु को हम उसके आण्विक सूत्र के द्वारा प्रदर्शित कर सकते हैं। आण्विक सूत्रा एक तत्व अथवा यौगिक का हो सकता है। आमतौर पर आण्विक सूत्रा को उस पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान का निर्धारण करने के लिये प्रयोग किया जाता है। यदि कोर्इ पदार्थ के अणुओं से बना है (जैसे (CO2, H2O या NH3) ) तो उसके आण्विक द्रव्यमान की गणना करना सरल है। इस प्रकार आण्विक द्रव्यमान उस अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान का योग होता है। अत: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का आण्विक द्रव्यमान इस प्रकार प्राप्त होता है।

C 1 × 12.0 u = 12.0 u
2 O 2 × 16.0 u = 32.0 u
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CO2 का द्रव्यमान = 44.0 u

अत: कार्बन डाइऑक्साइड का आण्विक द्रव्यमान = 44.0 u

इसी तरह अमोनिया NH3 का आण्विक द्रव्यमान प्राप्त करने के लिए

N 1×14.0 u = 14.0 u
3 H 3 × 1.08 u = 3.24 u
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NH3 का द्रव्यमान = 17.24 u

अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान, NH3 = 17.24 u

एसे पदार्थ जो आण्विक प्रकृति के नहीं हैं उनके लिये सूत्रा द्रव्यमान (formula mass) का प्रयोग होता है। उदाहरण के लिये सोडियम क्लोराइड (NaCl सूत्र द्वारा दर्शित) जो एक आयोनिक पदार्थ है। इसके लिये हम सूत्र द्रव्यमान की गणना आण्विक द्रव्यमान की तरह करते हैं।

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