प्रबंधन सूचना प्रणाली का अर्थ एवं परिभाषा

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प्रबंधन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसमें विभिन्न प्रबंधन कार्यो से सम्बन्धित परिभाषित समंको व सूचनाओं को एकित्रत, प्रविधियत एवं संचारित किया जाता है यह प्रबंधन को सही समय पर तथा सही रूप में आवश्यक सूचनाएँ तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की एक समन्वित व्यवस्था है। इस पठ्ठति के द्वारा निर्णय लेने, उनको क्रियान्वित करने तथा निर्णयों को नियिन्त्रात करने हेतु सूचना उपलब्ध करायी जाती है।

जे. एम. केनेरन (J. M. Kenneran) के शब्दों में, ‘‘प्रबंधन सूचना प्रणाली आन्तरिक एवं ब्राह्य क्रियाओं से सम्बन्धित भूतकालीन, वर्तमान एवं प्रक्षेपित (Projected) सूचना उपलब्ध कराने की संगठित विधि है। यह प्रणाली उचित समय पर संदर्भ में एकरूप एवं उपयोगी सूचना उपलब्ध कराके संगठन के नियोजन, एवं संचालकीय कार्यो में सहायक होती है ताकि संस्था की निर्णयन प्रक्रिया में सहायता मिल सके।

प्रबंधन सूचना प्रणाली एक ऐसी पठ्ठति है जिसमें संस्था की क्रियाओं के सम्बन्ध में सूचनाएँ एकित्रत की जाती है, रखी जाती हैं तथा नियोजन नियन्त्राण एवं निर्णयन कार्यो के लिए प्रबंधनकों को पुन: उपलब्ध (Retrieved) की जाती है। प्रबंधन सूचना प्रणाली प्रबंधन विज्ञान का एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो सही समय पर सही व्यक्ति को सही रूप में उपयुक्त सूचना पहुँचा कर ‘सूचना समस्या’ को हल करती है।

प्रबंधन सूचना प्रणाली के अंग या तत्व

  1. प्रबंधन स्तर (Levels of Mangement) . प्रबंधन सूचना प्रणाली के द्वारा वस्तुत: संगठन के सभी स्तरों पर वांछनीय सूचनाएँ उपलब्ध करायी जाती है ताकि प्रबंधनकीय कार्यो को सफलतापूर्वक निष्पादित किया जा सके। 
  2. सूचनाएँ (Informations) . सूचनाएँ उद्योग का मूल्यवान संसाधन बन गयी है। ‘सूचना’ से तात्पर्य ‘उद्देश्यपूर्ण समंकों’ (Meaningful data) को कहते है।
  3. प्रणाली (System)- प्रणाली विभिन्न वस्तुओं या भागों का ऐसा संयोजन होती है जिससे एक जटिल इकाई का निर्माण होता है।
प्रणाली के चार तत्व इस प्रकार है-इनपुट, प्रोसेसिंग, आडटपुट एवं प्रतिपुष्टि। प्रबंधन सूचना प्रणाली भी इन्हीं चार घटकों से निर्मित होती है। संक्षेप में इनका वर्णन निम्न प्रकार है
  1. निवेश (Input)- निवेश समंको के रूप में होता है। 
  2. प्रविधियन (Processing)- इस अवस्था में समंको का संगठन एवं रूपान्तरण किया जाता है। 
  3. निर्गत (Output)- सूचनाओं का निर्गत रिपोर्ट, मुद्रित अंश (Printouts) चार्टस, स्क्रीन प्रदर्शन अथवा लिखित सार-संक्षेप आदि के रूप में होता है। 
  4. प्र्तिपुष्टि (Feedback)- ‘प्रतिपुष्टि’ प्रबंधन सूचना प्रणाली की एक अन्तनिर्मित (In-Build) नियन्त्राण एवं सन्तुलनकारी (Check and balance) व्यवस्था है। 

प्रबंधन सूचना प्रणाली की विशेषताएँ

  1. प्रबन्धोन्मुखी (Management-Oriented)- प्रबंधन सूचना प्रणालियाँ प्रबंधन-अभिमुखी होती है। ये प्रबंधन के सभी स्तरों पर वांछित सूचनायें उपलब्ध कराती है। 
  2. प्रबंधन निर्देशित (Management-Directed)- प्रबंधन सूचना प्रणालियों के विकास में प्रबंधन द्वारा सक्रिय भाग लिया जाता है। 
  3. सामान्य समक प्रवाह (Common Data Flows)- सामान्यत: प्रबंधन सूचना प्रणाली द्वारा ऐसे संमक एकित्रात एवं प्रविधियत किये जाते है जिनसे लगभग सभी प्रकार की सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती है।
  4. उप-प्रणालियाँ (Sub-Systems)- प्रबंधन सूचना प्रणाली अनेक उप-प्रणाली से मिलकर निर्मित होती है। 
  5. एकीकृत विचारधारा (Integrated Concept)- प्रबंधन सूचना प्रणाली विभिन्न क्षेत्रों की विविध सूचनाओं को संयुक्त एवं समन्वित रूप से प्रस्तुत करने में सक्षम होती है।
  6. पर्यार्प्र्प्प्त नियोजन (Adequate Planning)- प्रबंधन सूचना प्रणाली पूर्व योजनाबठ्ठ ढंग से निर्मित की जाती है।
  7. केन्द्री्रय समंक आधार (Central Data Base)- प्रबंधन सूचना प्रणाली में केन्द्रीय सूचना भण्डारण की व्यवस्था होती है। 
  8. कम्प्यूटर प्रयोग (Use of Computer)- यद्यपि प्रबंधन, सूचना प्रणाली में कम्प्यूटर्स का प्रयोग अनिवार्य नहीं है, किन्तु वर्तमान में कम्प्यूटर्स के तीव्र विकास, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा एवं क्रियात्मक जटिलता के फलस्वरूप इन सूचना प्रणालियों का एक आवश्यक अंग बनता जा रहा है।
  9. अन्य लक्षण (Other traits)- (i) प्रबंधन सूचना प्रणाली एक प्रबंधनकीय उपकरण एवं नियन्त्रण विधि है। (ii) यह प्रणाली ‘विभिन्नता’ में कमी लाने वाली तकनीक है। (iii) सूचना प्रणाली का उद्देश्य निर्णयन में सहायता देना तथा निष्पादन में सुधार करना है।

प्रबंधन सूचना प्रणाली की आवश्यकता एवं लाभ

  1. संगठनों की बढ़ती हुई जटिलता, 
  2. प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी विकास, 
  3. अनुसंधान कार्यो पर बल, 
  4. उद्योग में कार्यो व क्रियाओं का विविधिकरण, 
  5. सूचना एवं ज्ञान का विस्फोट 
  6. जटिल प्रबंधनकीय समस्याओं की उत्पत्ति 
  7. कम्प्यूटर्स एवं अन्य उपकरणों का बढ़ता प्रयोग, 
  8. व्यवसाय का बढ़ता हुआ आकार, एवं 
  9. अधिकारों का विकेन्द्रीकरण एवं कार्य जटिलताएँ
प्रबंधन सूचना प्रणाली व्यवसाय के लिए कई प्रकार से लाभदायक सिठ्ठ हुई है। उद्योगों में इस प्रणाली के प्रमुख लाभ निम्न प्रकार है
  1. प्रबंधन सूचना प्रणाली के द्वारा सुदृढ़ योजनाओं, उत्पादक कार्यक्रमों तथा ठोस व्यूह रचनाओं का निर्माण किया जा सकता है। 
  2. इसके द्वारा उद्योगों में उत्पादन, वित्त, विवरण एवं अन्य क्रियाओं के सम्बन्ध में आधारभूत निर्णय किया जा सकता है। 
  3. इससे नियन्त्राण प्रणाली को प्रभावी बनाया जा सकता है। 
  4. अनुश्रवण एंव मूल्यांकन (Monitoring and Evaluation) कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है।
  5. दुर्लभ संसाधनों तथा चातुर्य का उत्तम उपयोग होता है। इससे उत्पादकता एवं लाभदायकता में वृठ्ठि होती है।
  6. कार्य निष्पादन की किस्म में सुधार होता है। 
  7. पूर्वानुमान, सुधारात्मक कार्यवाही, उद्देश्य-निर्धारण आदि कार्यो को भी प्रभावी बनाया जा सकता है। 
  8. सूचना प्रणाली, संगठन के विभिन्न घटकों को एक सूत्रा में जोड़ने का कार्य करती है।
  9. यह समस्या समाधान, कम्प्यूटर प्रक्रिया, अन्तर-क्रिया सुविधाओं आदि में सहायता पहुचाँती है। 
  10. यह उच्च प्रबंधनकों में उच्च आत्मविश्वास उत्पन्न करती है। 
  11. प्रबंधन महत्वपूर्ण संगठनात्मक मामलों को सुगमतापूर्वक हल कर सकते है तथा नाजुक व जटिल बिन्दुओं पर अधिक ध्यान दे सकते है। 
  12. यह संगठन को शक्तियों एवं दुर्बलताओं की समीक्षा करने में सहायक होती है। 
  13. इसमें लागत प्रभावशीलता (Cost Effectiveness) में वृद्धि की जा सकती है।
  14. इससे सूचनाओं की समयानुकूलता किस्म मात्रा तथा संगतता में वृद्धि की जा सकता है।

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