फसलों का वर्गीकरण

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उगाये गये पौधों के समूह को फसल कहते हैं। भारतीय कृषि फसलों का वर्गीकरण कई प्रकार से किया गया हैं जो हैं :- 

फसलों का वर्गीकरण 

पौधों के जीवन चक्र के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

  1. एक वर्षीय फसलें :- यह अपनी जीवन चक्र एक वर्ष के अन्दर पूर्ण कर लेते हैं जैसे- गेहूँ, चना आदि। 
  2. द्विवर्षीय फसलें :- यह पहले वर्ष में अपनी वृद्धि करते हैं तथा दूसरे वर्ष बीज उत्पादन करते हैं जैसे- चुकन्दर। 
  3. बहुवर्षीय फसलें  :- यह अनेक वर्ष तक जीवित रहते हैं जैसे- रिजका, चुकन्दर आदि। 

ऋतुओं के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

  1. खरीफ की फसलें :- इस वर्ग की फसलों को बोते समय अधिक तापमान व आर्द्रता व पकते समय शुष्क वातावरण की आवश्यकता होती हैं जैसे- ज्वार, बाजरा आदि। 
  2. रबी की फसलें :- इस वर्ग की फसलों को बोते समय अपेक्षाकृत कम तापमान तथा पकते समय अधिक तापमान व शुष्क मौसम की आवश्यकता होती हैं जैसे- गेहूँ , जौ आदि। 
  3. जायद फसलें :- इस वर्ग की फसलों में तेज हवा तथा धूप सहन करने की क्षमता होती हैं जैसे- ककड़ी, खरबूजा आदि। 

भूमि उपयुक्तता के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

  1. हल्की भूमि की फसलें :- जैसे- बाजरा, मूँगफली आदि फसलें हल्की भूमि में अच्छी वृद्धि करती हैं।
  2. मध्यम भूमि की फसलें :- ज्यादातर सब्जियाँ मध्यम भूमि में अच्छी उपज देती हैं। 
  3. भारी भूमि की फसलें :- इस वर्ग की फसलें भारी भूमि में अच्छा उपज देती हैं। जैसे- कपास, धान आदि। 

आर्थिक दृष्टिकोण के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

इस प्रकार का वर्गीकरण आर्थिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर किया गया हैं :- 

1. अनाज की फसलें (Cereals) :- जैसे- गेहूँ, जौ, धान आदि। 
  1. मोटे अनाज :- जैसे- ज्वार, बाजरा और मक्का। 
  2. अन्य मोटे अनाज :- जैसे- चना, काकून, रागी, सोवा, आदि। 
  3. दलहनी फसलें :- जैसे- चना, मूगं , मटर आदि। 
  4. चारे की फसल :- जैसे- वरसीम, ग्वार, लाेिबया आदि। 
  5. रेशे की फसलें :- जैसे- कपास, जूट, सनई आदि। 
  6. तिलहनी फसलें :- जैसे- सरसों, मूगंफली आदि। ]
  7. औषधि फसलें :- जैसे- चायपत्ती, पुदीना आदि। 
  8. जड़ वाली फसलें :- जैसे- आलू , मूली आदि। 
  9. चीनी देने वाली फसलें :- जैसे- चुकन्दर, गन्ना आदि। 
  10. मसाले वाली फसलें :- जैसे- लहसुन, प्याज, मिर्च आदि। 

फसलों के विशेष उपयोग के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

 इस प्रकार की फसलों का वर्गीकरण हैं :-
  1. हरी खाद की फसलें :- वे फसलें जो हरी खाद के रूप में प्रयोग में लायी जाती हैं। वे इस वर्ग के अन्तर्गत आती हैं जैसे- सनई, ढैंचा आदि। 
  2. भूमि संरक्षी फसलें :- भूमि को मृदा कटाव से बचाने के लिए भूमि पर फैलने वाली फसलें बोई जाती हैं, जो भूमि संरक्षी फसलें कहलाती हैं जैस-े मूंग, मूंगफली आदि। 
  3. अन्तवर्ती फसलें :- कभी-कभी खेत तथा श्रम के सदुपयोग के लिए दो मुख्य फसल के बीच के समय में कोई अल्पकालिक फसल ले लेते हैं जैसे- उर्द, मूंग आदि। 
  4. सूचक फसलें  :- वे फसलें जो पोषक पदार्थो की भूमि में कमी होने पर तुरन्त अपने ऊपर कमी के लक्षण प्रकट करें जैसे- मक्का, फूलगोभी आदि। 
  5.  नकदी फसलें  :- इन फसलों को खड़े खेत में या तुरन्त बेचने में किसानों को तुरन्त धन मिल जाता हैं जैसे- आलू , गन्ना आदि। 
  6.  कीट आकर्षण फसलें  :- मुख्य फसलों को कीड़े से बचाने के लिए अन्य फसलें के चारों ओर या अलग भाग में उगाते हैं जिससे कीट उस पर चले जायें जैसे कपास के चारों ओर भिण्डी लगाते हैं। 

वनस्पतिक वर्गीकरण 

 इस प्रकार का वर्गीकरण हैं : - 
  1. घास परिवार :- जैसे- गेहूँ , जौ, धान, गन्ना, बाजरा। 
  2. मटर परिवार :- जैसे- मटर, चना, मूगं , उर्द आदि। 
  3. सरसों परिवार  :- जैसे- सरसो, राई आदि।
  4.  कपास परिवार  :- जैसे- कपास, पटसन आदि। 
  5. आलू परिवार  :- जैसे- आलू , तम्बाकू आदि।
  6. जूट परिवार  :- जूट।
  7. अलसी परिवार :- अलसी। 
  8.  अण्डी परिवार :- अण्डी। 
  9.  कम्पोजिटी परिवार :- सूरजमुखी। 
  10. चीनी पड़ोसी परिवार :- चुकन्दर। 

दीप्कालीन के आधार पर फसलों का वर्गीकरण

  1. कम अवधि का प्रकाश चाहने वाले पौधे  :- इस वर्ग के पौधे, फूल तथा फल बनने के समय कम अवधि का प्रकाश यानी छोटे दिन चाहते हैं। यदि इनको इच्छित प्रकाश से अधिक प्रकाश दिया जाये तो इनमें फूल , फल न बनकर वनस्पति वृद्धि होती रहेगी जैसे- ज्वार, बाजरा, सोयाबीन आदि। 
  2. अधिक अवधि का प्रकाश चाहने वाले पौधे :- इन पौधों में फल बनने की क्रिया के लिए अपेक्षाकृत अधिक प्रकाश की आवश्यकता होती हैं। उचित अवधि से कम अवधि का प्रकाश देने पर इनमें फूल ने-फलने की क्रिया नहीं होगी जैसे- जौ, मटर, बरसीम आदि। 
  3. प्रकाश निरप्रभावी पौधे :- इस वर्ग के पौधों को फलने की क्रिया या प्रकाश अवधि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इनमें पुष्प, अल्प व दीर्घ दीप्काल दोनों ही दशाओं में हो जाता हैं जैसे- कपास, सूरजमुखी, टमाटर आदि।

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