सीबीएसई बोर्ड क्या है?

अनुक्रम
सीबीएसई बोर्ड का पूरा नाम सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेण्ड्री एजूकेशन है। जिसका कार्यालय दिल्ली में स्थित है। यू0पी0 बोर्ड की तरह यह बोर्ड भी हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट स्तर पर परीक्षाएं कराता है। उसका प्रमुख कार्य परीक्षा में सुधार करना तथा पाठ्यक्रम को विकसित करने के लिए अर्थपूर्ण बनाना है तथा समाज में उच्च प्रकार की शिक्षा प्रदान करना जिससे देश में कुशल छात्र अध्ययन कर सके तथा उन्हें भावी सुधार के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान कराना इस बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य है। यह बोर्ड स्ववित्त पोषित संस्था है। बोर्ड को केन्द्रीय सरकार तथा अन्य किसी स्रोत से कोई आर्थिक सहायता नहीं प्राप्त होती है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय सारे देश में फैले हुये है। शिक्षा के स्तर को बनाये रखने तथा सुचारू रूप से कार्य संचालन हेतु सी0बी0एस0ई0 बोर्ड ने जगह - जगह पर अपने क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किये है।

सीबीएसई बोर्ड के प्रमुख उद्देश्य

सीबीएसई बोर्ड के प्रमुख उद्देश्य निम्न प्रकार है-
  1. बोर्ड से एफिलियेशन प्राप्त विद्यालय के छात्रों का कक्षा 10 एवं 12 की परीक्षायें सम्पन्न कराना।
  2. ऐसे माता-पिता के पुत्र एवं पुत्रियों की शिक्षा व्यवस्था करना जिनकी नौकरी स्थानान्तरित होती रहती है।
  3. कोर्स को परीक्षा हेतु निश्चित करना।
  4. संस्थाओं को बोर्ड से परीक्षा हेतु एफिलियेशन देना एवं देश का शैक्षिक स्तर ऊँचा करना।
सीबीएसई बोर्ड निम्न बिन्दुओं को गति देता है-
  1. परीक्षा सुधार तथा सतत् मूल्यांकन का अभ्यास।
  2. नौकरियों हेतु कार्यकुशलता को विकसित करना तथा नौकरियों हेतु छात्रों को तैयार करना।
  3. अध्यापकों में पाठ्यक्रम सम्बन्धी बौद्धिक विकास करना एवं प्रबन्धकीय गुण विकसित करना तथा इसके लिए इन सर्विस प्रोग्राम तथा वर्कशाप कराना आदि।
पाठ्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य सी0बी0एस0ई0 बोर्ड द्वारा निर्धारित किये गये है।
  1. ज्ञान देने हेतु।
  2. मनोशारीरिक क्षमता के विकास हेतु।
  3. तर्कयुक्त सोच एवं कार्य क्षमता की श्रेष्ठता को बढ़ाने हेतु ।
  4. विज्ञान एवं टेक्नालॉजी के विकास हेतु ।
  5. कलात्मक विकास हेतु।
  6. शारीरिक स्वास्थ्य को ठीक रखने हेतु एवं मानसिक विकास सम्बर्द्धन हेतु।
  7.  मूल्य आधारित विचारों को शक्ति देने एवं जीवन से सम्बन्धित करने हेतु।
  8. वर्तमान के भूमण्डलीय चुनौतियों के योग्य बनाने हेतु।

सीबीएसई बोर्ड के शैक्षिक प्रयत्न

सीबीएसई बोर्ड छात्रों के लिए निम्नलिखित शैक्षिक उन्नयन हेतु सदैव प्रयत्नशील है, ये कार्यक्रम निम्नलिखित है-
  1. पर्यावरण शिक्षा (Environment Education)
  2. मूल्य शिक्षा (Value Education)
  3. उपभोक्ता जागरूकता (Consumer Awareness)
  4. जनसंख्या शिक्षा (Population Education)
  5. शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा (Physical and Health Education)
  6. व्यापारिक गणित (Business Mathematics)
  7. इनफारमैटिक प्रेक्टिस (Informatics Practices)
  8. जेनेरिक व्यावसायिक कोर्स (Generic Vocational Course)
  9. सड़क सुरक्षा एवं शिक्षा (Road Safety and Education)
  10. राष्ट्रीय अखण्डता एवं सामाजिक शिक्षा (National Solidarity and Social Science Education)
  11. अल्टरनेटिव्ज टू एनीमल डिसेक्शन (Alternatives to animal dissection)
  12. क्रियाशीलता और विज्ञान शिक्षा (Creativity and Science Education)
  13. भविष्य अध्ययन (Future Studies)
  14. विद्यालयी उपलब्धि/मूल्यांकन (Co-Scholastic Achievement/Evaluation)
  15. समूह ओलिम्पियाड गणित(Group Mathematics Olympiad)
  16. हेल्प लाइन (Help Line)
  17. शिक्षक प्रशिक्षण (Teachers Training)
  18. व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education)
  19. सूचना तकनीकी एवं उनका प्रयोग (Information Technology Applications)
  20. भाषा सीखने हेतु क्रियाशील प्रयास ;Interactive Approach to Language Learning)
  21. सेवान्तर्गत प्रशिक्षण (Inservice Training)
  22. सतत् मूल्यांकन (Continuous Evaluation)
  23. विशेष प्रौढ़ शिक्षा (Special Adult Education)
  24. गुणात्मक शिक्षा को स्तरीय बनाना (Education in Standardisation and Quality)
  25. राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिये शिक्षा (National and International Represetnations)
  26. विदेशी गुणों के अनुरूप बनाना (Equivalence with Foreign Qualities )
(1) पर्यावरणीय शिक्षा सी0बी0एस0ई0 बोर्ड पर्यावरण से सम्बन्धित समस्त प्रकार की शिक्षा शिक्षार्थियों को प्रदान करता है तथा इससे सम्बन्धित समस्त समस्याओं से अवगत कराता है एवं उसके निदान हेतु क्या-क्या उपाय हो सकते है उनसे अवगत कराता है।

(2) मूल्य शिक्षा (Value Education) बोर्ड से सम्बन्धित विद्यालयों में मूल्य शिक्षा के कोर्स को लागू किया गया है। शिक्षा के मूल्यों को अच्छा बनाये रखने के लिए अध्यापकों एवं विशेषज्ञों की सलाह एवं सहायता ली जाती है, क्योंकि सामाजिक एवं तकनीकी विकास के कारण शिक्षा के मूल्य प्रभावित होते है।

(3) उपभोक्ता जागरूकता (Consumer Awareness) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतु उपभोक्ता को सतर्कता का अध्ययन कराया जाता है।

(4) जनसंख्या शिक्षा (Population Education) इस कार्य के अन्तर्गत छोटे परिवार की महत्ता को बताने के लिए जनसंख्या शिक्षा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।

(5) शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा (Physical and Health Education) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा देने के लिए बोर्ड द्वारा खेलकूल तथा अन्य प्रकार की स्वास्थ्य शिक्षा दी जाती है।

(6) व्यापार गणित (Business Mathematics) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विज्ञान ;साइंसद्ध एवं कामर्स के ज्ञान हेतु व्यापार गणित को सीनियर स्कूल स्तर पर सम्मिलित किया गया है।

(7) इनफार्मेटिक्स प्रेक्टिसेज (Informatics Practices) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कम्प्यूटर के प्रयोग का प्रभावशाली ढंग से प्रयोग एवं व्यवसाय में प्रयोग से छात्रों को सम्पूर्ण ज्ञान प्रदान करना तथा कम्प्यूटर साफ्टवेयर का ज्ञान एवं इन्टरनेट व वेवसाइड सम्बन्धी लेटेस्ट जानकारी करायी जाती है।

(8) जेनेरिक व्यावसायिक कोर्स (Generic Voccational Courses) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्रों के अन्दर व्यावसायिक रूचि एवं व्यावसायिक जागरूकता के लिए यह कोर्स सीनियर सेकेण्ड्री स्तर पर प्रारम्भ किया गया है। जिससे छात्रों में आत्मविश्वास पैदा हो सके।

(9) सड़क सुरक्षा एवं शिक्षा (Road Safety and Education) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत सड़क सुरक्षा हेतु शिक्षा देने के लिए सड़क सुरक्षा एवं शिक्षा के पाठ्यक्रम को सम्मिलित किया गया है।

(10) राष्ट्रीय अखण्डता एवं सामाजिक शिक्षा (National Solidarity and Social Science Education) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय अखण्डता एवं सामाजिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। क्योंकि हमारा देश बहुउद्देशीय एवं बहुभाषीय है।

(11) अल्टरनेटिव्ज टू एनीमल डिसेक्शन (Alternatives To Animal Dissection) बोर्ड ने जानवरों के कपेमबजपवद करने के लिए व छात्रों को प्रेक्टिकल अनुभव कराने के लिए पाठ्यक्रम में इस कोर्स को सम्मिलित किया है तथा जानवरों की चीड़फाड़ करने के लिए बोर्ड छात्रों को आवश्यक जन्तु भी उपलब्ध कराता है।

(12) क्रियाशीलता एवं विज्ञान शिक्षा (Creativety and Science Education) छात्रों के अन्दर क्रियाशीलता बढ़ाने के लिए सीखने के तरीको को नई तकनीकी में बदल दिया गया है। जिससे क्रिया-प्रतिक्रिया करने एवं वैज्ञानिक मनोवृत्ति तथा अभिवृत्ति में सहायता मिलती है।

(13) भविष्य अध्ययन (Future Studies) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत भावी अध्ययन के लिए छात्रों को प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु भी बोर्ड निरन्तर कार्यक्रम बनाये रखने में विशेष सहायता प्रदान कर रहा है।

(14) विद्यालयीय उपलब्धि /मूल्यांकन (Co-Scholastic Achievement/ Evaluation) छात्र की विद्यालयीय उपलब्धि जानने के लिए वर्ष भर सतत् मूल्यांकन होता है तथा कक्षा 10 तथा 11 के विद्यार्थियों का अन्त में परीक्षा सम्पादित की जाती है। 

(15) समूह ओलिम्प्याड गणित (Groups Olympiad Mathematics) छात्रों को मैथमैटिक्स में सुयोग्य बनाने के लिए इस कार्यक्रम को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। इसके लिए अलग से 19 केन्द्र देश में स्थापित किये गये है, जहाँ पर इसकी परीक्षा ली जाती है।

(16) हेल्प लाइन (Help Line) चूँकि हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं पब्लिक परीक्षाएं होती है, इस लिए छात्रों के लिए अधिक तनाव एवं कुण्ठा हो जाती है। कुण्ठा एवं तनाव से छात्रों को बचाने के लिए हेल्प लाइन को शुरू किया गया है।

(17) शिक्षक प्रशिक्षण (Teachers Training) इस कार्य के अन्तर्गत छात्रों को कम्प्यूटर ज्ञान, विज्ञान, अर्थशास्त्र तथा गणित के ज्ञान हेतु बोर्ड अध्यापकों को प्रशिक्षण देने का प्रयत्न करता है।

(18) व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत बोर्ड द्वारा 36 प्रकार के व्यवसायों को संचालन सम्बन्धी विभिन्न प्रकार की शिक्षायें प्रदान की जाती है।

(19) सूचना तकनीकी एवं उसका प्रयोग (Information Technology Applications) आज के युग में सूचना तंत्र इतना व्यापक हो गया है कि उसका ज्ञान देने के लिए सीनियर स्कूल स्तर पर इसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर लिया गया है, जिससे छात्रों को नई-नई सूचनाओं का ज्ञान प्राप्त हो जाता है।

(20) भाषा सीखने हेतु क्रियाशील प्रयास(Interactive Approach to Language Learning) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत भाषा शिक्षा का ज्ञान प्रदान करने हेतु बोर्ड छात्रों को अनेकों भाषाओं का अध्ययन करवाता है तथा उसके प्रोजेक्ट भी तैयार करवाता है।

(21) सेवान्तर्गत प्रशिक्षण (Inservice Training) इस कार्यक्रम के तहत सेवा के अन्तर्गत लगातार अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे कि वे आज के समाज में अपना स्थान बना सके।

(22) सतत् मूल्यांकन(Continuous Evaluation) कक्षा 9 से 12 तक बोर्ड ने सतत् मूल्यांकन की प्रक्रिया को अपनाया है। प्रत्येक सप्ताह इसके अन्तर्गत छात्रों के टेस्ट लिये जाते है और टेस्ट के अंक वार्षिक परीक्षा में जोड़े जाते है तथा कक्षा 10 और 12 की भी सार्वजनिक परीक्षायें होती है।

(23) विशेष प्रौढ़ शिक्षा (Special Adult Education) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रौढ़ों को शिक्षा प्रदान करने हेतु सी0बी0एस0ई0 बोर्ड ने अलग से कार्य किया है, जिसमें उस क्षेत्र के प्रौढ़ों को पढ़ाने हेतु सम्बन्धित स्कूल के अध्यापकों को लगाया गया है।

(24) गुणात्मक शिक्षा को स्तरीय बनाना (Education in Standardisation and Quality) इस कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा के उन्नयन एवं विकास हेतु प्रयत्न किये गये है और उसे अधिक गुणात्मक बनाने के लिए सभी से अपेक्षाएं की गयी है।

(25) राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिए शिक्षा (National and International Representations) सी0बी0एस0ई0 बोर्ड छात्रों एवं अध्यापकों को यह अवसर देता है कि वे राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय जानकारी प्राप्त कर सके तथा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के जो भी बोर्ड है उनकी जानकारी छात्रों को हो सके, यह भी सुविधा प्रदान की गयी है।

(26) विदेशी गुणों के समकक्ष बनाना(Equivalence with Foreign Qualities) विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए बोर्ड ने छात्रों के प्रवेश के लिए वही शैक्षिक योग्यता निर्धारित की है जो कि 65 देशों में सर्वमान्य है। दुनिया के 18 देश ऐसे है जहाँ पर इस बोर्ड के एफिलियेटेड विद्यालय है।

सीबीएसई बोर्ड की संरचना

एक चेयरमैन, एक चीफ एक्जीक्यूटिव (Chief Executive) होता है। इनके नीचे तीन विभागाध्यक्ष होते है तथा इसके इसके अलावा सचिव, परीक्षा नियन्त्रक एवं अकादमिक का निदेशक होता है। बोर्ड का सचिव अकादमिक आफीसर होता है जिसका सम्बन्ध सामान्य प्रबन्धन से होता है, यही एकाउन्ट्स Public Relations तथा ग्रीवांस से सम्बन्धित होता है साथ ही साथ बोर्ड की सम्पत्ति का मालिक भी यही होता है। यही पी0एम0टी0 (P.M.T) और जी0एन0वी0 (G.N.V) परीक्षाएं कराता है।

परीक्षा नियंत्रक और डाइरेक्टर सभी परीक्षाओं का प्रबन्ध करता है तथा निदेशक पाठ्यक्रम के निर्माण तथा विकास की देखरेख करता है। Text Book का निर्धारण भी यही करता है और अध्यापकों के प्रशिक्षण तथा अन्य अकादमिक कार्यों को सम्पादित करता है।

बोर्ड की निम्न कमेटियाँ होती है- फाइनेन्स-फीस व परीक्षा शुल्क का पुनर्निर्धारण करना।
परीक्षा समिति-परीक्षा पास करने हेतु कम से कम प्राप्तांकों का निर्धारण करना तथा डिवीजन हेतु प्राप्तांकों का निर्धारण करना।

पाठ्यक्रम समिति-यह पाठ्यक्रम से सम्बन्धित समिति होती है। उसका विकास एवं सुधार उसमें सम्मिलित होता है तथा यह समिति यह भी ध्यान रखती है कि पाठ्यक्रम आवश्यकताओं आदि को पूरा करता हो।

एफिलिएशन समिति-इस समिति का सम्बन्ध नये विद्यालय जो बोर्ड में सम्मिलित होना चाहते है या मान्यता चाहते है, उनसे इस कमेटी का सम्बन्ध होता है। P.M.T. समिति-इस समिति का सम्बन्ध अखिल भारतीय स्तर पर Pre-medical , Pre-dental परीक्षाओं को कराना होता है।

Comments