समेकित बाल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य

समेकित बाल विकास सेवाएं, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोर बालिकाओं व 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण सम्बन्धी देखभाल, 0-6 वर्ष के बच्चों के शारीरिक संज्ञानात्मक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास तथा उनकी जरूरतों व अधिकारों के हेतु प्रारम्भ किया गया। विशेष रूप से गरीब समुदाय के 0-6 वर्ष के बच्चों का उनके स्वयं के अंचल में अपने ही परिचित समुदाय के लोगों के बीच सर्वांगीण विकास का एक कार्यक्रम हैं सही रूप से केन्द्र के संचालन का दायित्व मुख्य रूप से समुदाय व ग्रामों में ग्राम पंचायत का तथा शहरों में नगरपालिका का है। समुदाय से अपेक्षा की जाती है कि आँगनबाड़ी केन्द्र के भवन के लिए स्थान निशुल्क उपलब्ध करायें। बच्चों के सम्पूर्ण विकास की कल्पना, उन्हीं के परिवेश के अंचल(आंगन) में की गई है, इसीलिए इन सेवा केन्द्रों को आँगनबाड़ी केन्द्र का नाम दिया गया है। समेकित बाल विकास सेवा प्रारम्भिक बाल्यावस्था की देखभाल और विकास के लिए सबसे बड़ा कार्यक्रम है। छोटा बच्चा कुपोषण, रुग्णता एवं इससे पैदा होने वाली विकलांगता एवं मृत्यु का शिकार हो जाता है इस कार्यक्रम द्वारा बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाती है।

बच्चों के जीवन के शुरू के वर्ष स्वास्थ्य एवं पोषण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते है, इस पर अधिक ध्यान इस कार्यक्रम में दिया जाता है। शुरू के वर्षो में बच्चों कें संज्ञानात्मक, भावनात्मक, शारीरिक विकास एवं भाषा के विकास की नींव रखने हेतु विभिन्न प्रकार के क्रिया कलाप नियमित रूप से आँगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित होते है।

प्रारम्भिक बचपन का सही विकास समूचे जीवन के विकास का आधार है, यह समझ समाज में विकसित की जाती है। उपर्युक्त बातों को स्वीकार करते हुए समुदाय के सहयोग से 6 साल से कम आयु समूह के बच्चों को सम्पूर्ण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम के द्वारा साधन विहिन एवं कम आय वर्ग तक पहुंचना प्रमुख लक्ष्य है। यह कार्यक्रम छोटे बच्चे गर्भवती महिलाओं, दुध पिलाने वाली माताओं एवं किशोरियों के समूहों की स्वास्थ्य, पोषण सम्बन्धी बेहतर देखभाल एवं शिक्षा सेवाएं एक साथ प्रदान करने का समन्वित दृष्टिकोण उपलब्ध कराता हैं।

समेकित बाल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य

  1. छ: वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाना।
  2. बच्चों के उचित मनोवैज्ञानिक, शारीरिक तथा सामाजिक विकास की नींव रखना।
  3. मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, रूण्ग्ता, कुपोषण, और बीच में स्कूल छोड़ने की घटनाओं मे कमी लाना।
  4. बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न विभागों में नीति निर्धारण और कार्यक्रम लागू करने में प्रभावशाली तालमेल कायम करना।
  5. उचित स्वास्थ्य और पोषण संबंधी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सामान्य और पोषण आवश्यकताओं की देखभाल के लिए माताओं की क्षमता बढ़ाना।

 समेकित बाल विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत दी जाने वाली सेवाएं-

  1. पूरक पोषाहार
  2. पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा
  3. टीकाकरण
  4. स्वास्थ्य जांच
  5. संदर्भ सेवाएं
  6. अनौपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा

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