अल्पसंख्यक किसे कहते है?

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अल्पसंख्यक से आशय है जो संख्या में कम हो अथवा अल्प हो वही अल्पसंख्यक है। जब देश को आजादी मिली और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के रूप में यह दो भागों में बंटा तो भारत में हिन्दुओं की संख्या के आधार पर मुस्लिमों की संख्या कम होने के कारण उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया। मुस्लिमों के साथ-साथ भारत में सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, सिंधी, पार्सियन आदि को भी अल्पसंख्यकों का दर्जा प्रदान किया गया है।

जनगणना 2011 के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या प्रतिशत में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या ‘‘मुस्लिम 14.23 प्रतिशत, ईसाई 2.30 प्रतिशत, सिख 1.72 प्रतिशत, बौद्ध 0.70 प्रतिशत, जैन 0.37 प्रतिशत तथा अन्य 0.66 प्रतिशत है।’’ आजादी के बाद जब भारतीय संविधान बना तो उसमें भी अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के लिए यह प्रावधान किये गये -
  1. ‘‘भारत के राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार होगा।
  2. धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।
  3. शिक्षा संस्थाओं को सहायता देने में राज्य किसी शिक्षा संस्था के विरुद्ध इस आधार पर विभेद नहीं करेगा कि वह धर्म या भाषा पर आधारित किसी अल्पसंख्यक के प्रबंध में है।’’ 

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