Website वेबसाइट क्या है? वेबसाइट बनाने के लिए क्या करे?

वेबपेज इंटरनेट के जरिए सूचना प्राप्त करने का साधन है। वेबपेज देखने के लिए विशेष प्रोग्राम का प्रयोग किया जाता है, जिसको वेब-ब्राउज़र (webbowser) कहते हैं। वेबपेज वेब सर्वर (webserver) में होते हैं। हर वेबपेज का एक इंटरनेट पता होता है जो यूआरएल (url) कहलाता है। वेब-ब्राउजर इस पते के अनुसार वेबपेज को दिखाता है। इन्हें पाने के लिए वेब-ब्राउजर एचटीटीपी लिपि (HTTP) का प्रयोग करता है।

वेब कम्प्यूटरों का एक पूरा गुच्छा है जो एक दूसरे से बात करते रहते हैं, ये कम्प्यूटर (वेब पर) आमतौर पर फोन लाइन, डिजिटल उपग्रह संकेतों, केवल, और डेटा (सूचना) के अन्य प्रकार के हस्तांतरण-तंत्र से जुड़े हुए हैं, एक ‘डाटा-हस्तांतरण’ तंत्र द्वारा ही सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है, वह सभी कम्प्यूटर जो परस्पर मिल कर एक वेब का निर्माण करते हैं, हर समय (24/7) आपस में जुड़े रहते हैं, एक या उन को समय-समय पर जोड़ा जा सकता है, वे कम्प्यूटर जो हमेशा एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, सर्वर (सूचना परोसने वाले) कहलाते हैं, सर्वर मात्र एक कम्प्यूटर ही होता है लेकिन साधारण कम्प्यूटर और सर्वर में प्रमुख अंतर ये है कि सर्वर में कुछ विशेष सॉफ्टवेयर स्थापित किये गये होते हैं जिनको ‘सर्वर सॉफ्टवेयर’ कहते हैं, वेब सर्वर (वेब साइट देखने वाला)

वेबसाइट के लिए एक आधिकारिक पता (डोमैन नाम) जाता है वेबसाइट का पहचान लेबल होता है, जैसे हम सभी का कोई नाम होता है, डोमेन नाम वैसे तो अक्षर और संख्याओं द्वारा निर्मित होता है, लेकिन असल में ये छिपी हुई संख्याओं से बनता है जिन्हें आईपी संख्याएं भी कहा जाता है, एक नाम का केवल एक ही डोमेन हो सकता है।

सन् 1991 में टिम बर्नर ली ने कई तकनीकों के संयुक्त प्रयोग से मिलाकर वेब ब्राउजर की नींव रखी थी। इस वेब ब्राउजर का नाम वल्र्ड वाइड वेब रखा गया था, जिसे लघु नाम में डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू भी कहते हैं। पृष्ठ कों यूआरएल (यूनीफॉर्म रिसोर्स लोकेटर) के रूप में लोकेट किया जाता है, और यही यूआरएल वेब पते के तौर पर जाना जाता है। इस वेब पते का आरंभ अंग्रेजी के अक्षर-समूह एच टी टी पी से होता है। कर्इ ब्राउजर एचटीटीपी के अलावा दूसरे यूआरएल टाइप और उनके प्रोटोकॉल जैसे गोफर, एफटीपी आदि को सपोर्ट करते हैं।

वेबसाइट का हिस्सा स्टेटिक वेबसाइट और डायनामिक वेबसाइट हो सकती है।

1. स्टेटिक वेबसाइट: स्टेटिक वेबसाइट का मतलब एक ऐसी वेबसाइट से है जहाँ आप को उपयोगकर्ता को एक्सेस करने या उनके साथ बातचीत करने का कोई अनुमति नहीं होता है, यह केवल आपके व्यवसाय को विज्ञापन के रूप में प्रकाशित करने का प्रतिनिधित्व करता है।

2 डायनामिक वेबसाइट : डायनामिक वेबसाइट का मतलब एक ऐसी वेबसाइट है जहाँ उपयोगकर्ता और दर्शक एक साथ बातचीत करते हैं और अतिथि पोस्ट, पूछताछ फॉर्म, ईमेल और संदेश वेबसाइट के सहायता से साझा करते हैं। 

वेबसाइट बनाने के लिए क्या करे?

1. एक डोमेन नाम का चयन करें

एक डोमेन नाम चुनें जो सरल हो और इसमें आपके द्वारा विपणन किए जा रहे उद्योग, उत्पाद या सेवा का संदर्भ शामिल हो। खोज इंजन में संबंधित शब्द लिखने का प्रयास करें यह देखने के लिए कि क्या उस शब्द के साथ एक डोमेन पहले से ही उपयोग में है।
  1. सुनिश्चित करें कि आपका डोमेन नाम सरल, टाइप करने में आसान हो, और जितना संभव हो उतना छोटा हो ।
  2. अधिक शब्दों वाले तथा नंबरों का उपयोग करने से बचें।
  3. याद रखें कि आप । .com के अलावा अन्य शीर्ष-स्तरीय डोमेन का उपयोग कर सकते हैं। आपके व्यवसाय की प्रकृति के आधार पर, .co, .info, .biz, .me या कोई अन्य डोमेन उपयुक्त हो सकता है।

2. डोमेन नाम पंजीकृत करें या खरीदें

आप एक डोमेन नाम पंजीकृत कर सकते हैं। आपके पास एक डोमेन नाम खरीदने का विकल्प भी है जो पहले ही बनाया जा चुका है, लेकिन अब उपयोग में नहीं है। यह सत्यापित करना सुनिश्चित करें कि नाम में पैसा लगाने से पहले डोमेन कानूनी रूप से खरीदने के लिए उपलब्ध है।

3. वेब होस्ट खरीदें

होसिंटग की ज़रूरतें इस आधार पर अलग-अलग होंगी कि  आपको अपनी साइट पर प्रोग्राम चलाने या सुरक्षित सर्वर का उपयोग करने की आवश्यकता है या नहीं। होसिंटग पैकेज को खोजने के लिए अपने सभी विकल्पों का अन्वेषण करें जो आपके व्यवसाय के अनुकूल हो।

4.  वेबपेज के डिज़ाइन की योजना बनाएं

एक प्रभावी, पेशेवर वेबसाइट बनाना शुरू करें। अपने नेविगेशन तथा उत्पाद/सेवा विवरण पृष्ठों को को सरल बनाने का प्रयास करें। ग्राफिक्स, ऑडियो और वीडियो का अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने से बचें। सीधे किसी भी डिजाइन की नकल न करें।

किसी वेबसाइट की उपयोगिता को बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पैरामीटर हो सकते है:-
  1. सूचना उपलब्धता - वेब पाठकों की मांग के अनुरूप सटीक सूचनायें वेब पेज पर देनी चाहिए। गहन अध्ययन के लिए लिंक प्रदान करना चाहिए। चित्र का उपयोग भी किया जा सकता है।
  2. पेज ले आउट - वेब पेज का लेआउट ऐसा होना चाहिए जिससे वेब पाठक अपनी विषयवस्तु को सरलता से प्राप्त कर सकें। वेब पेज सामान्य एवं सरल होना चाहिए।
  3. कलर -  मानक रंगों का प्रयोग वेब पेज में किया जाना चाहिए। नीला रंग लिंक के लिए, बैंगनी रंग विजिट लिंक के लिए, लाल रंग सक्रिय लिंक के लिए किया जाना चाहिए।
  4. डाउनलोड गति - वेब पेज डाउनलोड गति तेज होनी चाहिए। इससे पाठक का समय बचता है एवं बोरियत का अनुभव नहीं होता है।

Website वेबसाइट के प्रकार

वेबसाइट कई प्रकार की होती है। इन्हें कई वर्गों में विभाजित किया जा सकता है :-
  1. व्यक्तिगत वेबसाइट
  2. फोटो शेयरिंग वेबसाइट
  3. लेखक/लेखकों के वेबसाइटें
  4. समुदाय वेबसाइट
  5. ब्लॉग
  6. सूचनात्मक वेबसाइट
  7. ऑनलाइन बिजनेस ब्रोशर/कैटलॉग वेबसाइट
  8. निर्देशिका वेबसाइट
  9. ई-कॉमर्स वेबसाइट
  10. न्यूज वेबसाइट

1. व्यक्तिगत वेबसाइट 

इस प्रकार की वेबसाइट किसी एक व्यक्ति द्वारा निर्मित की जाती है। एक व्यक्ति इस प्रकार की वेबसाइट के माध्यम से अपने बारे में या अपनी सभ्यता, संस्कृति, कौशल, कला आदि को प्रकाशित करता है।

2. व्यावसायिक वेबसाइट 

आजकल व्यावसायिक या वाणिज्यिक संस्था अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए वेबसाइट का उपयोग करते हैं। यह संस्था में अपनी सेवाओं/उत्पादों को वेबसाइट पर प्रकाशित करती है और अपने ग्राहकों को आकर्षित करती है। वेबसाइट के माध्यम से इनका प्रचार-प्रसार सम्पूर्ण विश्व में फैल जाता है। 

3. संगठनात्मक वेबसाइट 

संगठनात्मक वेबसाइट में सरकारी या गैर सरकारी स्वैच्छिक संगठनों की वेबसाइट आती है। इन वेबसाइट में शिक्षा, सामाजिक मुद्दे स्वास्थ्य आदि के बारे में सूचना प्रकाशित की जाती है।
वेब से संबंधित कुछ ऐसे बिन्दु है जिन्हें वेब डिजाइन करते समय ध्यान रखना चाहिए। इसमें निम्नलिखित प्रमुख है:-

यदि किसी वेबसाइट को बार बार उपयोग किया जाये तो इससे वेबसाइट की उपयोगिता पता चलती है। इन आंकड़ों से वेबसाइट की रैंक भी निर्धारित की जा सकती है। यदि वेबसाइट से सूचना जल्दी एवं सरलता से प्राप्त हो जायेगी तो वेब उपयोगकर्ता इसकी ओर आकर्षित होंगे। 

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

Post a Comment

Previous Post Next Post