वर्चुअल क्लासरूम (Virtual Classroom) क्या है ?

वर्चुअल क्लासरूम क्या है

virtual classroom kya hai वर्चुअल क्लासरूम एक ऐसा कक्षा कक्ष होता है, जिसके अंर्तगत शिक्षक , प्रशिक्षक और विद्यार्थी आनलाईन वातावरण मे वेब कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करते है। इससे विद्यार्थी शिक्षक वेबकेम और माइक्रोफोन के माध्यम से एक दूसरे से संवाद स्थापित करते है तथा शिक्षक द्वारा अध्यापन कराते समय विद्यार्थी उस पर विचार विमर्श करते है।

वर्चुअल क्लासरूम में इंटरनेट के माध्यम से कृत्रिम कक्षाकक्ष वातावरण का निर्माण करते हुए , दूर बैठे हुए अधिगमकर्ताओं को सुविधाजनक सम्प्रेषण वातावरण को उपलब्ध करवाते है। इसमें अधिगमकर्ता को ऐसा अनुभव होता है कि वह पारम्परिक कक्षा में आमने सामने बैठ कर अध्ययन कर रहे है, जबकि सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक परस्पर दूर दूर होते है।

वर्चुअल क्लासरूम  के माध्यम से अधिगमकर्ता विश्व में किसी भी स्थान पर बैठकर कक्षा अध्ययन कर सकता है और अधिगमकर्ता का अधिगम अनुभव वास्तविक कक्षाकक्ष् के समान होता है। वर्चुअल क्लासरूम में सम्प्रेषण के हाव भाव तथा बाडी लंग्े वेज को महसूस किया जा सकता है। इसमें विद्यार्थी अपने प्रश्नों और विचारों पर अनुक्रिया भी प्राप्त कर सकते है। साथ ही अपने कम्प्यूटर तथा लैपटॉप के डेस्कटॉप को सॉफटवेयर के माध्यम से आपस में शेयर कर सकते है और विद्यार्थी अथवा शिक्षक इन्टरेिक्टव बोर्ड पर स्वयं लिख सकते है। 

वर्चुअल क्लासरूम में टेक्सट नोट्स, के अतिरिक्त माइक्रोफोन जैसी तकनीकों का भी लाभ लिया जा सकता है। इसे ब्रेक आउट सेशन जैसी सम्प्रेषण तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है। इससे संभागी छोटे समूह में सहभागिता से सीखते हुए अपने कार्य को अच्छी तरह से पूर्ण करते है। इस तरह वर्चुअल क्लासरूम में पारम्परिक कक्षा कक्ष के समान अधिगमकर्ता होते है वे श्वेत बोर्ड द्वारा अपने नोट्स एवं संसाधनो का आदान प्रदान करते है तथा प्रकरण का प्रस्तुतीकरण करते हुए अधिगम करते है।

वर्चुअल क्लासरूम में विद्यार्थियों को योग्य शिक्षकों से अंत:क्रिया के अवसर उपलब्ध होते है। इससे विद्यार्थी तत्परता से निर्देशन प्राप्त करने और पृष्ठपोषण प्राप्त करने के लिए शिक्षक से संर्पक में रहते है। वर्चुअल क्लासरूम में संरचनात्मक समय सारणी से विद्यार्थी स्वतंत्र रुप से असमकालिक शिक्षण कर सकते है।

बहुत सी वर्चुअल क्लासरूम में रिकार्डिंग फीचर्स की भी व्यवस्था होती है। इसमें प्रत्येक कक्षा की विडियो रिकार्डिंग करके वेब सर्वर पर सुरक्षित रखते है, इससे विद्यार्थी वर्ष भर में किसी भी कक्षाकक्ष को प्ले बैक कर के पुनरावृत्ति अधिगम प्राप्त कर सकता है। यह विद्यार्थी के लिए पाठ्यसामग्री का पुनरावलोकन करने और आने वाली परीक्षा की अवधारण को समझने में मदद करता है। 

वर्चुअल क्लासरूम विद्यार्थियों को किसी कारणवश छोडी गयी कक्षा कक्ष देखने और अधिगम करने की सुविधा भी प्रदान करता है। यह अभिभावकों को भी सुविधा प्रदान करता है कि वे अपने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया एवं गति पर नजर रख सकते है।

वर्चुअल क्लासरूम के लाभ

वर्चुअल क्लासरूम के लाभ Virtual Classroom le labh वर्चुअल कक्षाकक्ष के कुछ लाभ निम्नलिखित है -
  1. वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रशिक्षक विश्व में कंही से भी अध्ययन, प्रशिक्षण की सुविधा कम्प्यूटर तथा इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से प्राप्त कर सकते है।
  2. पारम्परिक कक्षाकक्ष की तुलना में वर्चुअल क्लासरूम को अधिक शीघ्रता से आयोजित कर सकते है। क्योंकि इसमे स्थान को आरक्षित करने की आवश्यकता नही होती है साथ ही अध्ययन सामग्री को बांटने की भी आवश्यकता नहीं होती है।
  3. वर्चुअल क्लासरूम में विद्यार्थी एवं शिक्षक एक दूसरे से बातचीत कर सकते है, आपस में एक दूसरे को देख सकते है, अत: यह एक का एक के साथ सम्प्रेषण की सुविधा को उपलब्ध करवाता है।
  4. पारम्परिक कक्षाकक्ष के विपरीत वर्चुअल क्लासरूम में सेशन को रिकार्ड करने की सुविधा होती है, जिससे अधिगमकर्ता शेसन को पुन: रीप्ले कर के सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकता है।
  5. वर्चुअल क्लासरूम में लाईव क्लासेस को विद्यार्थियों तथा निर्देशक की सुविधा के अनुसार आयोजित किया जा सकता है।
  6. वर्चुअल क्लासरूम में विद्यार्थी को तुरतं सही अथवा गलत का पृष्ठपोषण प्राप्त होता है, वे अपने प्रश्नों के उत्तर स्वयं दे सकते है। तथा कठिन अध्ययन सामग्री का शाब्दिक रुप से वर्णन कर सकते है, इससे उनका अवबोध उत्तम होता हैं।
  7. वर्चुअल क्लासरूम में आनलाइन शिक्षा के लिए कम्प्यूटर एवं वेब का ज्ञान विद्यार्थी एवं शिक्षकों के लिए आवश्यक है, इससे उनके तकनीकी ज्ञान में वृद्धि होती है।

वर्चुअल क्लासरूम की सीमाएं

  वर्चुअल क्लासरूम की सीमाएं limits of Virtual seemayen वर्चुअल क्लासरूम की सीमाएं हैं :-
  1. लाइव सेशन के लिए कुछ समय निश्चित करना पडता है, जिससे समय देने में असुविधा होती है।
  2. वर्चुअल क्लासरूम के सेशन में समय निर्धारण, संभागियों एवं शिक्षकों को आमंत्रित करना एक कठिन कार्य है। इसके लिए कम्प्यूटर आदि आवश्यक उपकरणों का भी प्राय: अभाव है।
  3. सामान्यत: शिक्षक एवं विद्यार्थी पारम्पिरिक कक्षा कक्ष की कार्यप्रणाली से अधिगम करते है, जैसे श्वेत बोर्ड का उपयोग , कक्षा में प्रश्न पर हाथ उठाना, असाइनमेंट आदि। अत: वर्चुअल क्लासरूम को सभी संभागीयों तथा निर्देशक के लिए सहज होना आवयश्क है, जिससे वे अच्छा अधिगम कर सके। 

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं। मैंने अपनी पुस्तकों के साथ बहुत समय बिताता हूँ। इससे https://www.scotbuzz.org और ब्लॉग की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

1 Comments

Previous Post Next Post