कृत्रिम गर्भाधान किसे कहते हैं ? इससे क्या-क्या लाभ है

कृत्रिम गर्भाधान यांत्रिक विधि से पशुओं के शुक्राणु को मादा पशु की योनी में लाकर निषेचन कराना एवं गर्भ स्थापित करना कृत्रिम गर्भाधान कहलाता है। इस विधि के द्वारा वांछित नर का शुक्राणु एकत्र करके मादा के ऋतुकाल के समय प्रजनन प्रक्रिया करायी जाती है ताकि गर्भाधारण हो सके। 

कृत्रिम गर्भाधान से लाभ 

कृत्रिम गर्भाधान से निम्नलिखित महत्वपूर्ण लाभ हैं- 
  1. साड़ के एक ही बार के वीर्य से अनेक गायों को ग्याभिन किया जा सकता है। 
  2. कृत्रिम गर्भाधान विधि से जनन अंगों सम्बन्धी असमानताओं के कारण उत्पन्न बांझपन का पता आसानी से चल जाता है, जिसे उपचार द्वारा ठीक किया जा सकता है। 
  3. प्रजनन कार्य उत्तम तरीके से और कुशलतापूर्वक किया जा सकता है। 
  4. बड़े स्तर पर कृत्रिम गर्भाधान द्वारा श्रम, समय और धन की बचत होती है। 
  5. कृत्रिम गर्भाधान द्वारा छोटे पशुपालक बढि़या नस्ल के साड़ का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
  6. कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु समुदाय की उन्नति होती है।

Bandey

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