राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य

1. शिक्षा का भारतीयकरण- इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा प्रसारित की गई पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति व ज्ञान-विज्ञान के स्थान पर भारतीय शिक्षा संस्कृति का प्रचार करता था, जो भारतीय संस्कृति व जनता के अनुरूप हो। अतः पाठ्यचर्याओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों को समुचित स्थान दिया जाए। 

2. अंग्रेजी भाषा व संस्कृति का विरोध -राष्ट्रीय आंदोलन के अग्रदूत वारतव में अंग्रेजी भाषा के घोर विरोधी थे, इसलिए वह शिक्षा की अंग्रेजी के स्थान पर राष्ट्रभाषा मातृभाषा तथा प्रांतीय भाषाओं के माध्यम से प्रदान करने के पक्ष धर थे, मुख्यतः शिक्षा का माध्यम मातृभाषा हो। 

3. राष्ट्रीय जागरण- आंदोलकारों, भारतीय युवाओं को इस प्रकार की शिक्षा प्रदान करना चाहते थे कि वे वास्तव में भारत के गौरवशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त कर अपने को भारतीय नागरिक के रूप में धन्य समझें तथा मन में भारतीय की भावना जाग्रत हों 

4. व्यावसायिक शिक्षा- जीवन की उन्नति व विकास हेतु तथा रोजगार के लिए छात्रों को उपयुक्त एवं आधुनिक व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य था। औद्योगिक तथा व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था से ही देष औद्योगीकरण की ओर बढ़ सकता था। 

राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन द्वारा किये गए कार्य

इस आंदोलन के दौरान सर्व प्रथम भारतीय छात्रों के लिए भारतीय विद्यालयों की आवश्यकता थी, अतः राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन द्वारा इसी प्रकार की संस्थाओं का निर्माण किया गया जो भारतीयों की शिक्षा का प्रबन्ध कर सकें।
  1.  राष्ट्रीय शिक्षा संस्थाओं की स्थापना-बंगाल में 15 अगस्त ,1906 की एक राष्ट्रीय शिक्षा संवर्धन समिति का गठन किया गया।
  2. बंगाल राष्ट्रीय महाविद्यालय-14 अगस्त,1906 के बंगाल राष्ट्रीय महाविद्यालय की स्थापना हुई।
  3. कलकत्ता में एक राष्ट्रीय महाविद्यालय की स्थापना की गई तथा अरविन्द घोष को इसका प्राचार्य नियुक्त किया गया। 
उपर्युक्त शैक्षिक संस्थाओं के अतिरिक्त अन्य संस्थाएँ भी स्थापित हुई, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महान योगदान किया तथा आज भी यह शिक्षण संस्थाएं भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। यह संस्थाएँ निम्नलिखित है- 
  1. विश्व भारती (शान्ति निकेतन) 
  2. गुरूकूल प्रणाली 
  3. वन सिली विद्यापीठ
  4. श्री अरविन्द आश्रम
  5. राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (जामिया मिलिया इस्लामिया, काषी, गुजरात, विद्यापीठ )

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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