अभिलेखागार क्या है ? भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार की स्थापना कब हुई?

अभिलेखागार शब्द यूनानी भाषाओं के आर्कियोन (Archaeon) से निकला है, जिसका अर्थ है सार्वजनिक कार्यालय या टाउन हाल। अभिलेखागारों में सभी सरकारी, गैर-सरकारी अभिलेख इकट्ठा रहते हैं। इनमें हाथ का लिखा हुआ पाण्डुलिपियां, ब्रिटिश कालीन अभिलेख, पत्र, अखबार, मानचित्र, योजनाएं, डायरियां, फोटोग्राफ, कतरने, कानूनी दस्तावेज, रेखांकनों की फोटो काॅपी की गई सामग्री एवं माइक्रोफिल्म पर उतारी गयी सामग्री, वीडियो एवं आडियो रिकार्डिंग एवं कम्प्यूटर डिस्क जैसी विविध प्रकार की सामग्री प्राप्त होती है।

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार की स्थापना कब हुई

राष्ट्रीय अभिलेखागार ब्रिटिश शासन काल में ‘इम्पीरियल रिकार्ड डिपार्टमेंट’ के नाम से जाना जाता था। इम्पीरियल रिकार्ड विभाग की स्थापना 11 मार्च, 1891 ई. में कलकत्ता में की गई थी। इस विभाग के प्रथम प्रभारी अधिकारी सर जी. डब्ल्यू. फारेस्ट थे। इस पद का नाम कीपर आफ रिकार्ड्स आफ गवर्नमेंट आफ इंडिया किया गया। 1911 ई. में भारत स्थित ब्रिटिश सरकार की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की गई। इसके बाद 1926 ई. में जनपथ मार्ग नई दिल्ली में राष्ट्रीय अभिलेखागार के विशाल भवन का निर्माण किया गया। 

1926 ई. से 1937 ई. तक कलकत्ता से रिकार्डों का समस्त संग्रह दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार में लाया गया।
स्वतंत्रता पश्चात् ‘इम्पीरियल डिपार्टमेंट’ का नाम भारत का राष्ट्रीय अभिलेखागार रखा गया। वर्तमान में यह पदाधिकारी ‘डयरेक्टर जनरल आफ आर्काइव्ज आफ इण्डिया’ कहा जाता है। 

1976 ई. में अभिलेखीय प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना हुई जिसका नाम 1980 ई. में स्कूल आफ आर्काइबल स्टडीज कर दिया गया। भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार एशिया में व्यवस्थित तरीके से अभिलेख संग्रहित करने वाला अग्रणी संगठन है। मुख्य अभिलेखागार दिल्ली में स्थित है।

राज्य अभिलेखागार

भारत का प्रमुख अभिलेखागार जनपथ नई दिल्ली में स्थापित है। इसके चार क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, भुवनेश्वर, जयपुर एवं पांण्डिचेरी में हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के अतिरिक्त राज्य अभिलेगार भी स्थित हैं। इन राज्य अभिलेखागारों में राजस्थान राज्य अभिलेखागर वीकानेर का महत्वपूर्ण स्थान है। 1955 ई. में राजस्थान राज्य अभिलेखागार का मुख्यालय राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर में स्थापित किया गया था। 1963 ई. में यह जयपुर से बीकानेर स्थापित कर दिया गया।

राज्य अभिलेखागर के प्रमुख कार्य 

राज्य अभिलेखागर के प्रमुखतः तीन कार्य हैं - 

1. अभिखालेगार में अभिलेखों (प्रलेखों) की सुरक्षा तथा इन अभिलेखों से राज्य के सरकारी विभागों, न्यायालयों, एवं जन साधारण को सूचनाएं उपलब्ध कराना।

2. अभिलेखागारों के नियमानुसार उन अभिलेखों को शोधार्थियों को ऐतिहासिक शोध के लिये उपलब्ध कराना।

3. शोध अधिकारी एवं पुरालेखपाल द्वारा शोधार्थियों को उनके शोध विषय से संबंधित अभिलेख श्रृंखलाओं से परिचित कराना तथा उन्हें अभिलेखों की सूचियां उपलब्ध कराना।

अभिलेखागारों के अभिलेखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रख जाता है। नियमित रूप से अभिलेखों को हवा लगाई जाती है, उन्हें साफ किया जाता है, कीटनाशक दवाओं से उनका उपचार किया जाता है। परिरक्षकों (द्वारा उन्हें संतारा जाता है। इसके साथ ही पुराने एवं जर्जर अभिलेखों की मरम्मत एवं लेमीनेशन पद्धति द्वारा इनका संरक्षण किया जाता है।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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