खुश रहने के 10 आसान तरीके

जीवन में खुशी हमेंशा सकारात्मकता की भावना जागृत करती है। जब कोई किसी चीज के बारे में आनन्द महसूस करता है तो उसे व्यक्ति की खुशी कहा जाता है। खुशी को शब्दों में नहीं आंका जा सकता है। जीवन के हर एक पल को आनंद के साथ जीना ही खुशी है। 

खुश रहने के आसान तरीके

कुछ लोगों को यह लगता है कि वे खुश नहीं रह सकते हैं क्योंकि उनके पास बहुत सारी समस्याएं हैं। दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि उन्हें यही नहीं पता होता हैं कि कैसे खुश रहा जाए। वह जीवन को बोझिल समझ कर जीते चले जाते हैं। खुश रहने का सबसे अच्छा तरीका है कि हमें अपने सारे अच्छे कार्यों को करते हुए अपनी सोच को सकारात्मक रखना चाहिए। कल की चिंता न करते हुए प्रत्येक दिन के अनुसार जीना चाहिए। 

पवित्र शास्त्र बाईबिल कहती है कि ’’मनुष्य को रोज का दिन जिन्दगी का एक दिन समझकर जीना चाहिए।‘‘ अर्थात यह सोचना चाहिए कि जो दिन हम जी रहे वही हमारे पास है। उसे ही भरपूर तरीके से जीने की कोशिश करनी चाहिए तो व्यक्ति के पास दुख का कारण ही नहीं होगा। अगर खुशी को वैज्ञानिक तरीके से देखें तो भी खुश रहना स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। जीवन में खुश रहने के कई कारण या तरीके हैं, पर मनुष्य अपनी कल की चिंता के कारण उन्हें सामने से नकार देता है। 

खुश रहने के 10 आसान तरीके

  1. सबसे पहले अपनी चीजों की तुलना दूसरों की चीजों के साथ करना छोड़ दे।
  2. जीवन की जो भी घटनाएँ हों हमेशा उनके सकारात्मक पहलू पर ध्यान दें।
  3. हमेशा खुशियाँ दूसरों को बांटें, इससे भी आपको खुशी ही मिलेगी।
  4. उन लोगों से मिलें जो आपको खुशी देते हों या जिनसे मिलकर आपको अच्छा लगता हो।
  5. समस्या आने पर उसके समाधान के बारे में सोचना चाहिए न कि समस्या के बारे में।
  6. जीवन में कुछ (रचनात्मक) अर्थात जो आपको बहुत पसन्द है वह करें।
  7. जीवन की छोटी सी छोटी सफलता पर खुशियाँ मनाना आना चाहिए ताकि हम बड़ी सफलता की ओर बढ़ सकें।
  8. हमेंशा उस परमशक्ति प्रभु पर विश्वास रखना चाहिए कि वह हमारे जीवन में सब अच्छा करेगा।
  9. आपके मन से निराशा या दुख न जाए तो अपने जीवन के उन पलों को याद करें जब आपने खुद को सबसे ज्यादा खुश पाया हो। 
  10. उन लोगों को देखें या उनके बारे में सोचें जो आपसे भी बुरी स्थिति में हैं और अभाव में हैं क्योंकि मेंरा यकीन है कि जब उन्हें आप देखेंगे तो अपनी समस्या या दुख कम लगने लगेगा। 
इस प्रकार जीवन में खुश रहने के लिए कोई ’नियम या तरीका‘ नहीं है। खुश रहना एक आंतरिक अनुभूति है जो आनन्द प्राप्त करने पर होती है अंततः खुश रहने के लिए हमें चाहिए कि अपने जीवन की कमियों के बजाए जो पूर्णता प्राप्त है उस पर नजर रखें ताकि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोंण बना रहे। जिससे हममें सदा उत्साह का संचार होता रहेगा और हम आनन्द प्राप्त करते हुए खुश रह पायेंगे।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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