सरोजिनी नायडू का जन्म कब और कहाँ हुआ था? सरोजिनी नायडू की मौत कब हुई थी?

सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ। 6 अगस्त 1914 को लंदन में सरोजिनी की गांधीजी से और 1916 में लखनऊ कांग्रेस के अवसर पर उनकी पंडित जवाहरलाल नेहरू से पहली भेंट हुई । 1916 के बाद स्वतंत्रता आन्दोलन एक निश्चित रूप लेने लगा था। 1919 में रौलेट एक्ट से व्याप्त असंतोष के कारण गांधीजी ने साबरमती आश्रम में कुछ चुने हुए लोगों का सम्मेलन बुलाया। इसमें सरोजिनी नायडू भी थी। उन्होंने इस सम्मेलन में तैयार किये गये प्रारूप पर हस्ताक्षर किये थे। उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह आन्दोलन में बढ़ चढ़कर सहयोग दिया। लोकमान्य तिलक ने 1919 में आपको अखिल भारतीय होमरूल लीग की ओर से इंग्लैण्ड भेजा। 1920 में वापस आने के बाद वे असहयोग आन्दोलन में जुट गई। दिसम्बर 1925 में वे कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष चुनी गई।

1928 में गांधी जी ने उन्हें अमरीका और कनाडा भेजा ताकि नई दुनिया को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की समस्याओं से अवगत कराया जा सके। नमक सत्याग्रह के दौरान जब गांधीजी ने 25 अप्रैल 1930 को जैसे ही नमक उठाया सरोजिनी ने ’मुक्ति दाता की जय’ का उद्घोष किया। धरसाना में जब वे स्वतंत्रता सेनानियों का नेतृत्व कर रही थी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गांधीजी जब दूसरी गोलमेज परिषद में भाग लेने इंग्लैण्ड गए तब सरोजिनी भी साथ थी।

भारत वापिस आने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल में रखा गया। 8 मई 1933 को वे जेल से मुक्त की गई। उन्होंने दिल्ली में लेडी इर्विन काॅलेज फार वूमेन की स्थापना में सहयोग दिया। भारतीय स्त्री संघ की अध्यक्षता के अलावा आल इंडिया बूमेन्स कांग्रेस के कराची अधिवेशन में उन्होंने भाग लिया। 1942 के भारत छोडो आन्दोलन में वे महात्मा गांधी व अन्य नेताओं के साथ बंदी बना ली गई। 1943 में बीमार हो जाने के कारण उन्हें जेल से छोड़ दिया गया। स्वतंत्रता के 5 माह पूर्व होने वाले एशियाई संबंध सम्मेलन की अध्यक्षता उन्होंने की। 

सरोजिनी नायडू की मौत कब हुई थी?

2 मार्च 1948 को प्रातः 3.30 पर सरोजिनी नायडू की मृत्यु हो गई।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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