सौर ऊर्जा का आविष्कार किसने किया

सबसे पहले सन् 1839 में एलेकजेन्डर एडमंड बैकेलल ने फोटोवोल्टिक के इफेक्ट का पता लगाया उन्होंने पता लगाया कि कैसे सूर्य के प्रकाश की किरण से बिजली बनाई जा सकती है और कितनी बनाई जा सकती है और सौर पैनल को बनाने में बहुत से वैज्ञानिकों का योगदान है। और इस बात पर बहुत बहस हुई की कि किसने सोलर पैनल्स का आविष्कार किया कुछ लोग फ्रांसीसी वैज्ञानिक एडमंड बैकेलल को सौर पैनल्स के आविष्कार को श्रेय देते हैं लेकिन सन् 1873 में विलफ्लिस्मिथ ने सेलेनियम में फोटोकाॅन्डक्वास्टिक की पावर का पता लगाया क्योंकि किसी पैनल के अन्दर फोटोकान्डक्वास्टिक का सबसे बड़ा या जरूरी काम होता है क्योंकि फोटोकाॅन्डक्वास्टिक ही सूर्य की किरणों को अवशोषित करती है और सेलेनियम सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर बिजली पैदा करता है।

सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत पहले बाह्य अंतरिक्ष में उपग्रहों को ऊर्जा देने के लिए किया जाता था। सन् 1958 में मोहरा मैं एक छोटे से उपग्रह पर एक वाट पैनल का इस्तेमाल किया था। सन् 1964 में नासा ने उपग्रह पर 470 वाट पैनल का इस्तेमाल किया था और उसके बाद 1973 में डेलावेयर विश्वविद्यालय ‘‘सोलर वन’ नामक पहला सौर भवन तैयार किया गया उसकी पूरी छत के ऊपर सोलर पैनल लगाये गये जैसे आज लगाये जा रहे हैं और सन् 1981 में पाॅल मैकक्री ने सौर ऊर्जा पर चलने वाले पहले विमान सौर चैलेंजर का बनाया।

इसे 1998 में फ्रांस से U.K. तक उड़ाया गया। यह विमान को 80,000 फीट पर उड़ाकर रिकाॅर्ड बनाया। इसके बाद नासा ने 2001 में उस रिकार्ड को तोड़ दिया जब वे राॅकेट विमानों को 96,000 फीट उड़ा दिया और सन् 2016 में बट्रेड पिकाकार्ड ने दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली सौर ऊर्जा से चलने वाला विमान बनाया।

वर्ष 1980 से सौर पैनल की कीमतों में हर साल कम से कम 10 प्रतिशत गिरावट आई है लेकिन पिछले कुछ समय से सौर पैनल की डिमांड बड़ी है क्योंकि यह बिजली का सस्ता और अच्छा साधन है इससे वातावरण को कोई भी नुकसान नहीं होता है।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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