दालचीनी के औषधीय गुण

दालचीनी लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती है, इसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ साथ औषधि की तरह भी किया जाता है।

दालचीनी के औषधीय गुण

1. दालचीनी एंटी-आक्सीडेंट्स से भरपूर होती है।  

2. औषधीय पौधों पर किए गये अध्ययन के दौरान दालचीनी में एंटी-इंफ्लामेटरी प्रभाव होने की भी पुष्टि हुई है। कई शोध बताते हैं कि दालचीनी और इसके तेल, दोनों में ही यह प्रभाव पाए जाते हैं। अनुसंधान के अनुसार इसमें कई फ्लेवोनोइड यौगिक होते हैं, जो एंटी-इंफ्लामेटरी गतिविधियों को प्रदर्शित करते हैं। शोध बताते हैं कि दालचीनी के पानी का अर्क भी एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होता है।

3. दालचीनी खाने के फायदे में डायबिटीज को नियंत्रित करना भी शामिल है। इसमें एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा, एक अन्य शोध में बताया गया है कि दालचीनी में मौजूद पाॅलीफेनाॅल्स सीरम ग्लूकोज और इंसुलिन को कम करके डायबिटीज के खतरे से बचाव करने में सक्षम हैं।

5. दालचीनी डायबिटीज के साथ ही हानिकारक कोलेस्ट्राॅल को कम करके हृदय को स्वस्थ रखने का काम करने में सहायक है। एक पशु अध्ययन के मुताबिक दालचीनी में मौजूद घटक सिनामलडिहाइड और सिनामिक एसिड कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण को प्रदर्शित करते हैं। इसी वजह से दालचीनी को हृदय रोग से बचाव के लिए अहम माना जाता है। 

6. दालचीनी, कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और उसे फैलने से रोकने में सक्षम है। प्रयोगिक चूहों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला कि इसमें कीमोप्रिवेंटिव गुण होते हैं। शोध के अनुसार दालचीनी में मौजूद एंटी-आॅक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एपोप्टोसिस-इंडयूसिंग (कोशिकाओं को खत्म करने वाली) गतिविधि, एंटी-प्रोलिफेरेटिव (कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना वाला) प्रभाव मिलकर कीमोप्रिवेंटिव एजेंट की तरह काम करते हैं। यह सभी मिलकर कैंसर सेल्स के बनने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करके उन्हें बढ़ने और बनने से रोक सकते हैं ।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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