देवबंद आंदोलन के उद्देश्य

देवबन्द आन्दोलन का प्रारंभ उत्तरप्रदेश जिला के सहारनपुर में 1866 में एक विद्यालय के रूप में हुआ। इसका नेतृत्व मुहम्मद कासिम नौत्वी तथा रसीद गंगोही ने किया था। इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय तथा धार्मिकता का उन्नयन करना था। वास्तविक रूप से यह आन्दोलन अंग्रेज समर्थित अलीगढ़ के विरोध में था। देववंद विद्यालय के विद्यार्थियों को इस्लाम धर्म के प्रसार की शिक्षा दी जाती थी। यहाँ भारत तथा विदेशों के इस्लाम धर्म के विद्यार्थी आते थे। आगे चलकर इस आन्दोलन का नेतश्त्व महमूद उल हसन ने किया। इन्होंने इस शाखा को धार्मिक विचारों, राजनैतिक तथा वैदिक दृष्टिकोण देने का प्रयत्न किया।

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