लागत लेखांकन क्या है इसका महत्व क्या है और इसकी सीमाएँ क्या हैं?

लागत लेखांकन - लागत लेखे में उत्पादन व बिक्री सम्बन्धी सभी व्ययों का विश्लेषण किया जाता है, जिससे प्रत्येक इकाई की लागत और उत्पादन की कुल लागत ज्ञात हो सके। यदि उत्पादक अनेक वस्तुओं का उत्पादन करना चाहता है तो प्रत्येक वस्तु का मूल्य निर्धारित करने से पूर्व उसकी उत्पादन लागत ज्ञात करनी होगी। उत्पादन लागत, लागत लेखे द्वारा ही ज्ञात हो सकती है। यदि उत्पादक अनेक वस्तुओं का उत्पादन करता है तो कौन सा कार्य लाभदायक है और कौन सा कम लाभदायक है, यह लागत लेखे द्वारा ही ज्ञात हो सकता है। जो उत्पादन अधिक लाभ देते है उनका उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और जो हानिप्रद या कम लाभ दायक है, उन्हें संकुचित किया जा सकता है। इस प्रकार व्यवसायी को अपने लाभों में वृद्धि करने में सहायता मिलती है। लागत लेखों द्वारा सामग्री, श्रम तथा उत्पादन व बिक्री के व्ययों को नियमित व नियन्त्रित किया जाता है, इससे उत्पादन लागत कम होती है।

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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