मूंगफली खाने से क्या फायदा क्या नुकसान है?

मूंगफली जमीन की सतह पर व मृदा के नीचे उपजती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘‘अरैकिस हाइपोजिया’’ लिग्यूमिनोसी कहा जाता है। मूंगफली एक पोषक फल है, जो पौधों से प्राप्त होने वाले प्रोटीन, रेशे, अन्य मुख्य विटामिन तथा मिनरल का स्रोत है। भारत व विश्व के बहुत से भागों में मूंगफली का कई रूपों में प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के तौर पर कच्ची, भुनी, तली, चाकलेट युक्त चिक्की, मूँगफली का मक्खन व तेल। इन सभी रूपों के अलग-अलग पौष्टिक फायदे हैं। मूंगफली एक अत्यन्त कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थ है तथा इसको अगर सामान्य मात्रा में प्रयोग करते हैं तो अनेक फायदे हैं।

मूंगफली, पौष्टिक तत्व स्वास्थ्यवर्धक वसा, प्रोटीन व रेशों का अनन्य स्रोत है। इसमें प्रचुर मात्रा में पोटेशियम फास्फोरस, मेंग्नीशियम व विटामिन-बी उपलब्ध होता है। मूंगफली में प्रचुर कैलोरी होती है तथापि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है।

मूंगफली खाने से फायदा और नुकसान

  1. हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम में सहायक 
  2. भार को संतुलित रखने में सहायक 
  3. रक्त शर्करा का नियंत्रण हृदय संबधी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण हेतु मनुष्य को 1 दिन अधिकतम 46 ग्राम मूंगफली खाना चाहिए। यह मनुष्य में डायबिटीज नियंत्रण में भी सहायक होती है।
  4. मूंगफली के उपयोग से आदमी में मोटापन व भार नियंत्रित रहता है। 
इसके अतिरिक्त मूंगफली सेवन से रक्त में शर्करा की मात्रा भी नियंत्रित रहती है तथा डायबिटीज नियंत्रण में सहायक होती है।

अतः यह कहा जा सकता है कि मूंगफली एक अति उत्तम संपूर्ण खाद्य पदार्थ है जो पादप आधारित प्रोटीन की उपलब्धता, रेशा, विटामिन आदि का भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराने में सहायक होती है। तथापि इसका अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए।

मूंगफली का प्रयोग 

मूंगफली को कच्चा प्रयोग करने से सर्वाधिक लाभ संभव होते हैं। मूंगफली आधारित मक्खन एक अति उत्तम पोषक आहार होता है। इसके अतिरिक्त भुनी हुई मूंगफली का भी प्रयोग किया जाता है। इसका संतुलित उपयोग ही किया जाना चाहिए अन्यथा सोडियम की अधिकता के कारण रक्तचाप में वृद्धि तथा हृदय संबधित रोग संभव है। अमेंरिका के विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 1500 मिग्रा सोडियम की आवश्यकता होती है तथा यह किसी भी स्थिति में प्रतिदिन 2300मि.ग्रा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए जो एक चम्मच नमक के समकक्ष है। अतः जहाँ तक संभव हो मूंगफली को कच्चा, छिलके के साथ प्रयोग करना चाहिए। मूंगफली के छिल्कांे में एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध होते हैं जो कोशिकाओं की रक्षा में सहायक होते हैं। तथापि व्यावसायिक स्तर पर छिल्के रहित मूंगफली ही उपलब्ध होती है। सामान्य नागरिक को थोड़ी मात्रा में मूंगफली का मक्खन (पीनट) बटर का उपयोग किया जा सकता है। मूंगफली को थाईलैड में सलाद के रूप में प्रयोग किया जाता है। 

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता (MSW Passout 2014 MGCGVV University) चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं।

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