ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता, ऑनलाइन शिक्षा के लाभ एवं समस्याएं

प्रारम्भ से ही स्थायी व रुचिकर शिक्षा सदैव शिक्षण आधारित न हो कर अपितु अधिगम आधारित रही है। ऑनलाइन शिक्षा में भी शिक्षण के स्थान पर अधिगम पर बल दिया जा रहा है, अर्थात शिक्षण को महत्व न देकर अधिगम को महत्व दिया जा रहा है। 

ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता

online shiksha ki aavshkyata ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता है -
  1. ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी सक्रिय रहकर व्यक्तिगत रुप से अपने ज्ञान एवं दक्षताओं का स्वयं निर्माण करता है। परिणाम स्वरुप वह स्वयं करके सीखता है।
  2. ऑन लाइन शिक्षा में विद्यार्थी घर के अतिरिक्त किसी सामजिक स्थल से भी बैठकर अधिगम कर सकते है। जैसे हॉस्टल से , महाविद्यालय से, सायबर कैफे से आदि। इससे आर्थिक दृष्टि से अक्षम विद्यार्थी भी उपयोगी विषयवस्तु का अध्ययन तथा शिक्षक प्रशिक्षकों से सम्पर्क कर सकते है।
  3. ऑनलाइन शिक्षा द्वारा 24 घण्टे एवं सप्ताह के सातों दिन अध्ययन किया जा सकता है। अत: इसमें विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकता है। 
  4. ऑनलाइन शिक्षा में विद्यार्थी वेब कांफ्रेसिंग के द्वारा विषयवस्तु एवं प्रकरण पर किसी विषय विशेषज्ञ अथवा परस्पर अंत:क्रिया करते हुए अधिगम कर सकते है। जिसके कारण उनके पूर्वज्ञान में वृद्धि होती है। 
  5. ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी दूर दूर बैठे हुए भी एक साथ एक समहू में अध्ययन कर सकते है। जिससे उनका समाजिकरण भी होता है। 

ऑनलाइन शिक्षा के लाभ

ऑनलाइन शिक्षा विद्यार्थी केन्द्रित उपागम में पारंपरिक निर्देशित शिक्षा केंद्रित शिक्षण संस्थान के स्थान पर अधिगम में सहायता पर बल दिया जाता है। ऑनलाइन शिक्षा के लाभ online shiksha ke labh अत: ऑनलाइन शिक्षा द्वारा अधिगम में सहायता करने के साथ निम्नलिखित लाभ है:- 
  1. यह शिक्षा आर्थिक एवं समय की दृष्टि से उपयुक्त है, क्योंकि विद्यार्थी इसमें अपनी सुविधानुसार अध्ययन कर सकते है।
  2. आन लाईन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को परसपर अंत:क्रिया के माध्यम से सीखने के अवसर प्राप्त होते है।
  3. ऑनलाइन शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के स्तर दक्षता एवं क्षमता के अनुकूल अध्ययन के अवसर उपलब्ध करवाती है। जिससे प्रत्येक विद्यार्थी अपनी रुची एवं क्षमता के अनुरुप प्रकरण / विषयवस्तु का अध्ययन कर अधिगम कर सकते है। 
  4. आन लाईन शिक्षा हेतु अध्ययन करने में कम्प्यूटर के ज्ञान की सामान्य जानकारी ही आवश्यक है, अधिक तकनीकी सक्षमता के बिना भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
  5. आनलाईन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपने पूर्व ज्ञान को अद्यतन कर सकता है। 
  6. शिक्षा की गुणवत्ता को तकनीक के प्रयोग के माध्यम से बढाया जा सकता है। साथ ही नवीन शोधो का अध्ययन भी किया जा सकता है। 

ऑनलाइन शिक्षा की समस्याएं

यद्यपि ऑनलाइन शिक्षा एक तकनीक है, जिसका अपना एक महत्व है, और यह शिक्षा में गुणवत्ता लाने में भी सहायक है, किंतु फिर भी इसमें निम्नलिखित कुछ हानियॉ तथा समस्याएं होती है-
  1. कम्प्यूटर में कनेक्शन हेतु एक निश्चित क्षमता की नेटवर्क बेण्ड विड्थ आवश्यक होती है, जिससे वेब कांन्फ्रेंसिंग सुगम हो जाती है। कम क्षमता की बेण्ड विड्थ क्षमता से इंटरनेट कनेक्शन स्थपना में दिक्कत हो सकती है। साथ ही एक वेब सर्वर भी आवश्यक है। 
  2. ऑनलाइन ज्ञान की जानकारी युक्त शिक्षक को इस कार्य हेतु नियुक्त करना आवयश्क रहता है, क्योंकि वह विद्यार्थियों को उनके स्तर क अनुकूल प्रकरण अथवा विषयवस्तु के अघ्ययन में मददगार की भूमिका में रहता है। बार बार शिक्षक को परिवर्तित करने से विद्यार्थियों को कुछ चर्चा व विषयवस्तु से जुडने में व समझने में दिक्कतों का सामना करना पड सकता है। 
  3. यह एक समयआधारित एवं खर्चीली तकनीक है। अधिकतर संस्थाओं में इतने कम्प्यूटर नही होते है कि प्रत्येक विद्यार्थी पृथक रुप से कम्प्यूटर पर कार्य कर सके। साथ ही वेब सर्फिंग में भी समान्यत: काफी समय लगता है।
  4. अध्यापक एवं विद्यार्थियों को वेब पर कार्य करने का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। साथ ही अनुभव के द्वारा भी कम्प्यूटर पर कार्य करने की दक्षता में वृद्धि होती है। 
  5. आनलाईन शिक्षा में विद्यार्थी को सीमित मात्रा में ही पृष्ठपोषण प्राप्त होता है। 

Bandey

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता चित्रकूट, भारत से ब्लॉगर हूं। मैंने अपनी पुस्तकों के साथ बहुत समय बिताता हूँ। इससे https://www.scotbuzz.org और ब्लॉग की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

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